अवैध शराब के लिए बदनाम गांव ने शुरू की आत्मनिर्भर बनने की मुहिम, दीप बनाकर रोशन कर रहे जहां
बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र के चैनपुरवा गांव में मधुमक्खी पालन से निकले मोम से महिलाओं द्वारा बनाए गए दीपकों से शहर का जीआईसी मैदान रोशन हो उठा। देश के नक्शे के आकार में दीपक जगमगाए तो लोग सेल्फी लेने उमड़ पड़े। इस आयोजन में डीएम, एसपी के साथ शहर के तमाम लोग, बच्चे और महिला पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया।
अवैध शराब बनाने के लिए बदनाम चैनपुरवा गांव के लोगों आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश शुरू की है। इसके तहत महिलाएं भी मधुमक्खी पालन कर उससे निकलने वाले मोम से दीपक बना रही हैं। उनके बनाए गए 51 हजार दीपक शनिवार को शहर के जीआईसी मैदान में रोशन किए गए। इस दौरान विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में शामिल हुई चैनपुरवा गांव की महिलाओं को डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, सीडीओ मेधा रूपम व अन्य अफसरों ने सम्मानित किया। शहर के लोगों के साथ अधिकारियों के साथ परिवारीजन व बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मियों ने जीआईपी पहुंचकर दीपक जलाए।
कलाकारों ने प्रस्तुत किया कार्यक्रम
जीआईसी में दीपोत्सव के दौरान ‘उम्मीद’ संस्था के कलाकारों ने गीत-संगीत के कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देश की संस्कृति की झलक देने वाले बच्चों के लोकनृत्य को लोगों ने खूब सराहा। इस आयोजन के दौरान चैनपुरवा में बदलाव की बुनियाद रखने वालीं महिलाएं विशेष रूप से आमंत्रित की गईं थीं। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष सहयोग करने वाले डीएम, एसपी समेत कई अधिकारी भी उनका हौसला बढ़ाने सपरिवार पहुंचे थे।