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जर्जर हो चुके पीपे वाले पुल पर चलना मतलब जान हथेली पर रखना

Fri, 18 Jun 2021 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 01:36 AM IST
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People demonstrated for the demand to build a bridge
अंग्रेजों के जमाने से बना पीपे का पुल अत्यंत जर्जर हो चुका है। लोग इस पर मजबूरी में जान हथेली पर लेकर चलते हैं। यह दर्द करीब दो लाख की आबादी का है।
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बरसात के दिनों में जब यह पुल बंद हो जाता है तो करीब 14 किमी. का चक्कर लगाकर लोगों को जाना पड़ता है।
कई वर्षों से स्थानीय लोग प्रदर्शन और ज्ञापन देकर नेताओं और अधिकारियों से स्थायी पक्के पुल की मांग कर रहे हैं, पर मामला सिफर है। बृहस्पतिवार को स्थानीय लोगों ने एक बार फिर से मेहंदी घाट पर प्रदर्शन कर पक्का पुल बनाए जाने की मांग बुलंद की।
अगुवाई कर रहे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अजय त्रिपाठी मुन्ना ने बताया कि तीन दशक पहले नगर निगम ने पीपे के पुल की मरम्मत करवाई थी। तब से रखरखाव के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।
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पिछले दिनों एक नेत्रहीन बुजुर्ग पुल में हुए छेद से होकर नदी में गिरकर जान गंवा बैठे। इसके बाद भी अधिकारी या जन प्रतिनिधि की नींद नहीं टूटी।
बारिश के चलते हर साल करीब तीन महीने पुल बंद हो जाता है। ऐसे में लोगों को 14 किमी. का चक्कर लगाकर दुबग्गा या डालीगंज पक्का पुल होेकर आना-जाना पड़ता है। अगर पक्का पुल बन जाए तो राहत हो जाएगी।
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जहां जरूरत वहां बनाया नहीं पुल
स्थानीय निवासी होरीलाल का कहना है कि सालों से पक्के पुल की मांग की जा रही है। पिछली सरकार में डालीगंज पर दूसरा पक्का पुल बिना जरूरत बना दिया गया। जबकि इसे मेहंदी घाट पर पीपे वाले पुल की जगह बनाया जा सकता था। कोई सुनने को तैयार नहीं है।
10 हजार लोग रोज गुजरते हैं इस पुल से
होरीलाल का कहना है कि पीपे वाला पुल जब बंद कर दिया जाता है तो दुबग्गा या डालीगंज होकर जाना पड़ता है। ऐसे में 13 सेे 15 किमी. का चक्कर घूमकर आने में लगता है जो एक किमी. से भी कम लंबे पुल से पूरा हो सकता है। बारिश के दिनों में प्रशासन या नगर निगम नाव तक नहीं दे पाता है। करीब 10 हजार लोग रोजाना इस पुल से आते-जाते हैं।
इन इलाकों को जोड़ता है पुल
दौलतगंज, ठाकुरगंज, काशी विहार, बालागंज, मोहनी पुरवा, सज्जादबाग, सज्जादगंज, गऊघाट, कैंपबेल रोड, हुसैनाबाद, अहमदगंज, पजावां, मल्लाही टोला, लोहरामऊ, दाऊदनगर, गौरभीत, फैजुल्लागंज।
ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट में शामिल करने की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेेक्ट पर काम कर रही है। इसमें नदी के दोनों तरफ से सड़क गुजरेगी। ऐसे में पीपे वाले पुल की जगह ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट में नदी के ऊपर एक लिंक पुल बनाया जा सकता है। सरकार को इसे प्राथमिकता पर देखना चाहिए।

फैजुल्लागंज पर बंधा की मांग
लोगों ने प्रदर्शन में मांग की है कि फैजुल्लागंज में पानी का भराव रोकने के लिए अधूरे पड़े बंधा का निर्माण कराया जाए। पूर्व में बजट भी स्वीकृत हो चुका है। हर साल बारिश में पूरे इलाके में पानी भर जाता है। एक ज्ञापन भी एडीसीपी पश्चिम राजेश श्रीवास्तव, एसीपी चौक आईपी सिंह को सौंपा गया।
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