कोरोनाः दूसरे राज्यों से आ रहे लोग बन रहे यूपी के लिए खतरा, हर जिले में बनाई गई रैपिड रिस्पांस टीम
प्रदेश के पड़ोसी राज्यों से लोगों के आने का सिलसिला अब भी जारी है। ट्रेन, बस और अन्य यातायात साधनों के बंद होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों से पैदल सफर करके आ रहे ये लोग प्रदेश के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
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प्रदेश के पड़ोसी राज्यों से लोगों के आने का सिलसिला अब भी जारी है। ट्रेन, बस और अन्य यातायात साधनों के बंद होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों से पैदल सफर करके आ रहे ये लोग प्रदेश के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। हालांकि हर जिलों में बाहर से आने वालों की चेकिंग के लिए रैपिड रिस्पांस टीम बनाई गई है। लेकिन वह कितनी कारगर साबित हो रही है यह कहना मुश्किल है।
जानकारी के अनुसार पिछले 10 से 12 दिनों में प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से यूपी आए हैं। इसमें काफी लोग ट्रेन और बस से सफर करके पहुंचे हैं। ऐसे लोगों के सर्विलांस के लिए ग्रामीण स्तर पर लोगों से मदद ली जा रही है। इन लोगों की जांच के लिए बनाई गई रैपिड रिस्पांस टीम पहले रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर लोगों का तापमान चेक कर रही थी।
रेलवे व बस स्टेशनों के बंद होने के बाद इन टीमों को दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों व नेपाल से यूपी में प्रवेश करने वालों की सीमा पर ही थर्मल स्केनिंग करने का जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानकारों का कहना है कि सीमावर्ती राज्यों से जिस तरह से बड़ी संख्या में लोग पैदल ही प्रदेश में अपने घरों को लौट रहे हैं उनसे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। बाहर से आने वाले सभी की जांच कराकर संदिग्धों की पहचान करना राज्य सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।
यूपी 112 कर रही भूखों की मदद
सीमावर्ती राज्यों से यूपी में प्रवेश करने वालों में बड़ी संख्या में मजदूर और कारीगर हैं। जो लोग पुलिस से मदद मांग रहे हैं, उन्हें पुलिस खाना मुहैया करा रही है। 112 पर राशन और खाने की मांग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आईजी कानून व्यवस्था ज्योति नारायण ने बताया कि पिछले दिनों शासन स्तर पर हुई वीडियो कॉफ्रेंसिंग के दौरान जिलों के डीएम व एसपी व एसएसपी को निर्देश दिए गए थे कि उनके पास उपलब्ध रैपिड रिस्पांस टीम यूपी अपने-अपने जिलों में प्रवेश करने वालों की हर मुमकिन थर्मल स्कैनिंग करें।
अब तक तीन हजार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक लगभग तीन हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा साढ़े सात हजार गाड़ियों का चालान कर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना राशि वसूल की गई है।