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यूपीः नहीं मिल पा रहा कोरोना की सस्ती RTPCR जांच का लाभ, तय शुल्क के बाद भी ली जा रही ज्यादा फीस

Sun, 13 Dec 2020 03:13 PM IST
ishwar ashish हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला, लखनऊ
हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 13 Dec 2020 03:13 PM IST
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People are not getting RT PCR test on decided rate.
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ शहर के निजी पैथोलॉजी संचालक कोरोना की जांच में मनमानी कर रहे हैं। सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए आरटीपीसीआर जांच का शुल्क घटाया तो कुछ पैथोलॉजी संचालकों ने यह जांच ही बंद कर ट्रूनेट जांच शुरू कर दी। इसके लिए भी वे तय दर से ज्यादा ले रहे हैं। वहीं जहां आरटीपीसीआर जांच हो भी रही है वहां तय अधिकतम शुल्क से ज्यादा वसूला जा रहा है। लैब के कर्मचारी ट्रूनेट जांच को आरटीपीसीआर से बेहतर भी बता रहे हैं। ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने शनिवार को तीमारदार बनकर एक मरीज की जांच कराने के लिए विभिन्न पैथोलॉजी में पड़ताल की तो ये हकीकत सामने आई।

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शासन ने ये दरें तय कीं
आरटीपीसीआर : शासन ने इस जांच के लिए सबसे पहले 2500 रुपये शुल्क तय किया था। 10 सितंबर को इसे 1600 रुपये किया गया। एक दिसंबर को फिर से शासन ने आरटीपीसीआर जांच की दरें घटाईं। इस बार लैब में जाकर सैंपल देने पर 700 रुपये तो घर से नमूना लिए जाने पर 900 रुपये तय किया गया। यही दर लागू है।
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ट्रूनेट : 10 सितंबर को ट्रूनेट जांच की दर भी 1600 रुपये तय की गई। 1 दिसंबर को आरटीपीसीआर जांच की दरें तो घटाई गईं लेकिन ट्रूनेट जांच की दर यथावत रही।
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लैब संचालकों ने निकाल लिया बीच का रास्ता
आरटीपीसीआर जांच सस्ती होने के बाद अधिकांश निजी लैब संचालकों ने आरटीपीसीआर जांच बंद कर ट्रूनेट जांच शुरू कर दी। वजह-साफ है इसमें उन्हें ज्यादा फायदा मिल रहा है। जो ऐसा नहीं कर सके उन्होंने आरटीपीसीआर की अपने हिसाब से दर तय कर ली।

...लेकिन हकीकत ये है

टूनेट जांच के लिए 1600 रुपये ही ले सकते हैं, पर वसूल रहे 2000
समय- दोपहर 2:30 बजे
स्थान : इप्सम डायग्नोस्टिक सेंटर, पुरनिया, सीतापुर रोड।
रिपोर्टर: आपके यहां कोविड आरटीपीसीआर जांच कहां पर होगी?
लैब कर्मचारी: हमारे यहां पर आरटीपीसीआर की बजाय ट्रूनेट से जांच हो रही है।

रिपोर्टर: आरटीपीसीआर नहीं हो पाएगी क्या?
लैब कर्मचारी:
आरटीपीसीआर से अच्छी जांच ट्रूनेट है.... आरटीपीसीआर से बेहतर है।

रिपोर्टर: जांच का कितना शुल्क लगेगा?
लैब कर्मचारी:
हमारे यहां दो हजार रुपये में जांच हो रही है। लेकिन घर से कलेक्शन कराने पर 2200 रुपये लगेंगे। नंबर नोट कर लें, जब बुलाएंगे कोई सैंपल लेने आ जाएगा।

सैंपल लैब में लें या घर से...900 रुपये ही लेंगे
समय : दोपहर 3 बजे, स्थान : आरएमएल पैथोलॉजी।
रिपोर्टर :  क्या कोविड आरटीपीसीआर जांच हो जाएगी?
रिसेप्शन पर मौजूद महिलाकर्मी :
हां, मरीज लाए हैं क्या।

रिपोर्टर : कितना शुल्क लगेगा ?
महिलाकर्मी :
900 रुपये

रिपोर्टर : घर से  सैंपल लेने पर?
महिलाकर्मी :
चाहे मरीज यहां लाएं या फिर घर से सैंपल लेना हो,  दोनों का 900 रुपये लगेगा।

आरटीपीसीआर नहीं, सिर्फ ट्रूनेट जांच ही

समय : दोपहर 3:30 बजे
स्थान : लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर।

रिपोर्टर : कोविड की आरटीपीसीआर जांच हो जाएगी?
रिसेप्शन पर मौजूद महिलाकर्मी :
हो जाएगी, इसके लिए आपको सामने वाले सेंटर पर जाना होगा, वहीं पर जांच शुल्क भी बताया जाएगा।

रिपोर्टर : शुल्क कितना लगेगा?
लैब कर्मी :
हमारे यहां आरटीपीसीआर की बजाय ट्रूूनेट से जांच हो रही है, इसके लिए 1600 रुपये देने पडे़ंगे।

रिपोर्टर : नमूना घर लेने आना पडे़गा तब कितना शुल्क लगेगा?
लैब कर्मी :
घर से नमूना लेने पर सौ रुपये और देने पड़ेंगे।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा- सीएमओ करें सख्ती
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने कहा है कि निजी लैब मनमानी कर रही हैं तो यह जिम्मेदारी संबंधित जिले के सीएमओ की है कि वह सभी लैब पर जांच कराकर सरकार के आदेश का सख्ती से पालन कराएं। सीएमओ को इसको लेकर अवगत कराया जाएगा।

सीएमओ बोले- शिकायत आएगी तो देखेंगे
पैथोलॉजी में हो रही मनमानी पर सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि सभी निजी लैब को पत्र भेजकर तय दर पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई लैब अधिक शुल्क ले रही है तो लोग मुकदमा दर्ज कराएं। मामले की शिकायत मिलने पर जांच करवाई जाएगी।

पैथोलॉजी संचालकों के जवाब

इप्सम पैथोलॉजी के मैनेजर देवेंद्र मिश्रा का कहना है कि हमारी लैब में ट्रूनेट जरिये आरटीपीसीआर की जा रही है। दो हजार रुपये शुल्क लिया जा रहा है। घर जाने पर 2200 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। सरकारी आदेश के तहत अब 1600 रुपये लिए जाएंगे।

आरएमएल पैथोलॉजी के मैनेजर आरडी विश्वकर्मा का कहना है कि हमारी लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए 900 रुपये लिए जा रहे हैं। घर से सैंपल लेने पर भी इतना ही शुल्क लिया जा रहा है।

लाइफ केयर पैथोलॉजी के मैनेजर मोहसिन का कहना है कि हमारे यहां पर ट्रूनेट के साथ ही आरटीपीसीआर जांच भी की जा रही है। इसके लिए सरकार के जरिये तय किया गया शुल्क 1600 रुपये लिया जा रहा है।

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