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महंगाई: मंडियों में एक चौथाई से भी कम हो गई टमाटर की आवक, लोगों ने खरीदना ही बंद कर दिया
Thu, 06 Jul 2023 04:33 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 06 Jul 2023 04:33 PM IST
सार
टमाटर के दाम लगातार बढ़ने से लोगों ने खरीदना ही बंद कर दिया है। मंडियों में भी आवक कम हो गई है। विक्रेता पहले जितना टमाटर मंगवाते थे अब उसका सिर्फ एक चौथाई ही आ रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
थाली से टमाटर के दूर होते ही इसका सीधा असर मंडियों पर पड़ा है। जिला मुख्यालय की थोक मंडी में टमाटर की आवक तीन चौथाई से भी कम हो गई है। यही हाल टांडा व जलालपुर जैसी थोक मंडियों का भी है। आमतौर पर 20 से 30 रुपये किग्रा. बिकने वाला टमाटर इन दिनों 120 रुपये प्रति किग्रा. तक बिक रहा है। इसके चलते ही ज्यादातर लोगों ने टमाटर खरीदने से किनारा कर लिया है।
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टमाटर की महंगाई से परेशान लोगों ने अन्य सब्जियों की तरफ ध्यान केंद्रित कर लिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि टमाटर के दाम में शतक से भी ज्यादा उछाल लगातार बना हुआ है। पिछले लगभग एक पखवाड़े से लगातार 120 रुपये प्रति किग्रा. के आसपास दाम बने रहने का नतीजा है कि ज्यादातर लोगों ने टमाटर खरीदना ही बंद कर दिया है। इसका सीधा असर जिला मुख्यालय की थोक मंडी पर दिख रहा है।
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नवीन सब्जी मंडी अकबरपुर परिसर में टमाटर की आवक तीन चौथाई से भी ज्यादा घट गई है। आम उपभोक्ताओं के बीच खपत लगातार कम होने का असर है कि लगभग तीन सप्ताह पहले तक सब्जी मंडी में चार थोक विक्रेताओं द्वारा कुल 55 से 60 क्विंटल टमाटर प्रतिदिन मंगाया जाता था। मांग घटने के कारण शिवकुमार व मिश्रीलाल ने अब टमाटर मंगाना बंद कर दिया है। चार दिन पहले तक यहां सिर्फ 25 से 28 क्विंटल टमाटर आ रहा था। तब रमजान व अजीज द्वारा एक-एक पिकअप भरकर टमाटर मंगाए गए थे। बुधवार को नवीन मंडी समिति पहुंचने पर पता चला कि सिर्फ रमजान ने ही मात्र 12 क्विंटल टमाटर मंगाया। कहा कि भैया जब खपत ही नहीं है तो ज्यादा टमाटर मंगाकर खुद का नुकसान करने को कोई फायदा नहीं।
छोटी मंडियों के भी बुरे हाल
जलालपुर, टांडा, बसखारी जैसी तमाम छोटी मंडियों में भी टमाटर की आवक काफी घट गई है। जलालपुर सब्जी मंडी में 10 दिन पहले तक 300 कैरेट टमाटर आता था। एक कैरेट में 25 किग्रा. टमाटर होता है। उस समय टमाटर का दाम लगभग 50 रुपये प्रति किग्रा. था। स्थानीय विक्रेता बब्लू ने बताया कि अब छोटी मैजिक से सिर्फ 60 कैरेट के करीब टमाटर जलालपुर मंडी में आ रहा है। इसकी भी पूरी खपत नहीं हो पा रही है। थोक विक्रेताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा खरीदारी न करने से फुटकर विक्रेताओं ने टमाटर लेना बंद कर दिया है।
इक्का-दुक्का ठेलों पर ही है टमाटर
टमाटर के दाम में आए उछाल का असर यह है कि मंडियों में टमाटर दिखना ही कम हो गया है। पहले प्राय: हर ठेले व सब्जी की दुकानों पर टमाटर अनिवार्य रूप से रहता था। सब्जी मंडी पहुंचने पर चारों तरफ टमाटर आसानी से बिकते दिख जाते थे। अब हाल यह है कि बुधवार को थोक सब्जी मंडी में टमाटर देखने को नहीं मिला। शहजादपुर फुटकर सब्जी मंडी में भी इक्का-दुक्का ठेलों पर ही टमाटर दिखे। रामनगर, टांडा, बसखारी, जलालपुर, भीटी, जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर आदि बाजारों का भी यही हाल है।