एक वजह ये भी: दहशत भी बन रही संक्रमितों की मौत का कारण... इसलिए घबराएं नहीं धैर्य रखें
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी कहते हैं कि डेथ ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि वायरस की चपेट में आने के बाद मरीज बेहद घबरा जाता है जिसकी वजह से उसे हार्टअटैक भी पड़ जाता है। हालांकि ऐसे केस की संख्या कम है। मरीज धैर्य रखें तो इन्हें बचाया जा सकता है।
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अस्पतालों में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की मौत की एक बड़ी वजह दहशत भी है। दहशत में मरीज अवसाद में चले जा रहे हैं और कई मरीजों में घबराहट की वजह से हार्ट अटैक भी हो रहा है। लंबे दौर से नशा करने वाले लोगों को बचाने में चिकित्सकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज धैर्य रखें और अवसाद में जाने से बचते रहें तो उनकी रिकवरी की दर बढ़ जाती है।
प्रदेश में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इसमें हर दिन बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को 265 लोगों की मौत के साथ यह आंकड़ा 11678 पर पहुंच गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आईसीयू में भर्ती होने वाले ज्यादातर मरीजों की मौत मल्टी ऑर्गन फेल्योर के चलते हो रही है। इन मरीजों में नसों में खून के थक्के बनने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मरीजों को उपचार के दौरान ब्लड थिनर, स्टरायड और ऑक्सीजन थेरेपी का अहम रोल होता है। मगर जिनमें पहले से हृदय संबंधी समस्या है अथवा लंबे समय से धूम्रपान या अन्य तरह के नशा का सेवन कर रहे हैं उनमें अचानक हार्ट अटैक भी हो रहा है।
अवसाद में चले जाने की वजह से हो रहा हार्ट अटैक
केजीएमयू के आईसीयू में मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टर अजय वर्मा बताते हैं कि रिकवरी की स्थिति में होने के बावजूद अचानक घबराहट और अवसाद में चले जाने की वजह से कई केस में हार्ट अटैक भी हो रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी कहते हैं कि डेथ ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि वायरस की चपेट में आने के बाद मरीज बेहद घबरा जाता है जिसकी वजह से उसे हार्टअटैक भी पड़ जाता है। हालांकि ऐसे केस की संख्या कम है। मरीज धैर्य रखें तो इन्हें बचाया जा सकता है।
ज्यादातर मरीज लंग्स फेल्योर की वजह से दम तोड़ रहे है। वायरस की वजह से लंग्स में संक्रमण बढ़ जाता है और जब मरीज अवसाद में चला जाता है तो उसके कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। एसजीपीजीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर पीके गोयल कहते हैं कि हार्ट अटैक के कई कारण होते हैं। वायरस की वजह से सीधे हार्ट अटैक के केस नाममात्र के है, लेकिन जो लोग पहले से अधिक धूम्रपान करने वाले हैं अथवा नसों में ब्लॉकेज है वे जब वायरस की चपेट में आते हैं तो उनकी बीमारी बढ़ जाती है। फिर उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है।
धैर्य रखें मरीज तो बढ़ जाएगी रिकवरी की दर
वायरस की चपेट में आने के बाद घबराए नहीं। दवाएं लेते रहें। ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें। होम आइसोलेशन में हों या अस्पताल में मन को शांत रखने का प्रयास करें। होम आइसोलेशन में हैं तो पौष्टिक भोजन लें। तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।