पढ़िए, असल जिंदगी के मुसद्दीलाल की कहानी!
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परिवहन निगम के भ्रष्ट तंत्र से लड़ते-लड़ते जब 84 साल के एक बुजुर्ग हार गए तो उन्होंने पेंशन सहित अन्य देयों के भुगतान के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय ने बुजुर्ग को 10 महीने पहले पेंशन एवं देयों का भुगतान करने का आदेश दिया, लेकिन अफसरों एवं कर्मियों ने इस प्रकरण की फाइल दबा दी।
बुजुर्ग ने एमडी से मुलाकात कर अपनी व्यथा बयां की तो 26 साल से पेंशन न देने वाले अफसर समेत पांच पर गाज गिर गई। इनमें झांसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) और मुख्यालय के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक यानी एआरएम (वित्त) भी शामिल हैं।
जब आप 84 वर्षीय रंजीत सिंह सेंगर की कहानी से रू-ब-रू होंगे, तो आपको भी मुसद्दीलाल की याद आ जाएगी।
यह था मामला
रंजीत सिंह सेंगर 58 साल की उम्र पूरी करने के बाद झांसी परिक्षेत्र कार्यालय से बतौर सीनियर अकाउंटेंट 1988 में सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उन्हें न तो पेंशन दी गई, न ही अधिकतर देयों का भुगतान हुआ।
वे ढाई दशक तक भ्रष्ट तंत्र से लड़ते रहे। थक-हारकर हाईकोर्ट से गुहार लगाई। वहां से जुलाई 2013 में सभी देयों का भुगतान और पेंशन तत्काल देने का आदेश जारी हुआ।
इसके बावजूद न तो उनकी पेंशन शुरू हुई और न ही बकाया देयों का भुगतान किया गया।
एमडी मुकेश कुमार मेश्राम ने शुक्रवार को आरएम और एआरएम को झांसी से लखनऊ मुख्यालय तलब कर फटकार लगाई और बुजुर्ग कर्मी रंजीत सिंह सेंगर को कोर्ट के आदेश के बावजूद पेंशन एवं अन्य देयों का भुगतान न करने की छानबीन की।
दोषियों पर दायर होगी चार्जशीट
झांसी परिक्षेत्र के आरएम कैलाश राम, एआरएम (वित्त) राजीव कटियार, सहायक विधि अधिकारी, बड़े बाबू और मुख्यालय के एआरएम (वित्त) इंद्रजीत बोस को बुजुर्ग का उत्पीड़न करने, घूस न मिलने पर पेंशन का भुगतान फंसाए रखने सहित पांच बिंदुओं की चार्जशीट देने का निर्देश दिया गया है।
वहीं वित्त नियंत्रक को इंद्रजीत बोस तबादला एवं आरएम को लिपिक को निलंबित करने, सहायक विधि अधिकारी के तबादले की सीजीएम (प्रशासन) राजेंद्र कुमार सिंह को संस्तुति भेजने का निर्देश दिया है।
घर जाकर देंगे चेक
एमडी की फटकार के बाद आरएम एवं एआरएम (वित्त) सहित मुख्यालय के अफसरों की टीम शुक्रवार को पेंशन निदेशालय पहुंचे और अफसरों की चिरौरी करके रंजीत सिंह सेंगर की पेंशन तत्काल स्वीकृत कराई।
दरअसल एमडी ने पेंशन स्वीकृत न होने पर आरएम, एआरएम (वित्त) को निलंबित करने की चेतावनी दे दी थी।
अब झांसी के आरएम एवं एआरएम (वित्त) बुजुर्ग को पेंशन एवं अन्य देयों की लाखों रुपये की रकम का चेक देने उनके घर जाएंगे।