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Lucknow News: बिना काम कराए 38,885 रुपये का कर दिया भुगतान
Fri, 29 Nov 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:39 AM IST
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महराजगंज (रायबरेली)। ब्लाॅक क्षेत्र के कोटवा मदनिया गांव में बिना काम किए ही 38,885 रुपये मनेरगा दिहाड़ी मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। मामले को लेकर गांव के एक व्यक्ति वे डीएम को शिकायती पत्र दिया था।इस पर डीएम के निर्देश पर हुई जांच में मामले का खुलासा हुआ है।
बीडीओ ने संबंधित पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आवंटित धनराशि को जमा करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम कोटवा मदनिया निवासी अनुपम जायसवाल ने 19 सितंबर को जिलाधिकारी हार्षिता माथुर को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें लिखा गया था कि उनकी ग्राम पंचायत के रहने वाले सोनू पुत्र अयोध्या के नाम एक जॉब कार्ड 21 मई, 2020 में जारी किया गया। जिसके बाद वित्तीय वर्ष 2021-2022 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-2025 तक 38,885 रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि सोनू हरदोई चौराहा स्थित बियर की दुकान पर 2021 से बतौर सेल्समैन है।
डीएम के निर्देश पर मामले की जांच बीडीओ को दी गई। इसपर जांच रिपोर्ट में भुगतान में फर्जीवाड़ा किए जाने की पुष्टि हुई है। बीडीओ वर्षा सिंह ने बताया कि जांच में मामला पकड़ में आने के बाद फर्जी दिहाड़ी मजदूरी का भुगतान करने के दौरान जिन सचिवों की तैनाती गांव में थी।
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सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीडीओ ने संबंधित पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आवंटित धनराशि को जमा करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम कोटवा मदनिया निवासी अनुपम जायसवाल ने 19 सितंबर को जिलाधिकारी हार्षिता माथुर को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें लिखा गया था कि उनकी ग्राम पंचायत के रहने वाले सोनू पुत्र अयोध्या के नाम एक जॉब कार्ड 21 मई, 2020 में जारी किया गया। जिसके बाद वित्तीय वर्ष 2021-2022 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-2025 तक 38,885 रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि सोनू हरदोई चौराहा स्थित बियर की दुकान पर 2021 से बतौर सेल्समैन है।
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डीएम के निर्देश पर मामले की जांच बीडीओ को दी गई। इसपर जांच रिपोर्ट में भुगतान में फर्जीवाड़ा किए जाने की पुष्टि हुई है। बीडीओ वर्षा सिंह ने बताया कि जांच में मामला पकड़ में आने के बाद फर्जी दिहाड़ी मजदूरी का भुगतान करने के दौरान जिन सचिवों की तैनाती गांव में थी।
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सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।