निकाले जाने का गम नहीं, साजिश के तहत लगाए गए इल्जामः पवन पांडेय
बता दें कि पवन पांडेय दूसरी बार बर्खास्त हुए हैं इससे पहले खनन विवाद में आईपीएस से भिड़ंत होने पर उनका मंत्री पद छिन चुका है। उन्होंने कहा कि मैं बजरंगबली की तरह सीना चीरकर तो नहीं दिखा सकता क्योंकि अगर मैं सीना चीर दूंगा तो कोई डॉक्टर इसे जोड़ नहीं पाएगा। सीना चीर दूंगा तो इसमें मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दिखाई पड़ेंगे।
पवन ने कहा कि कागजों पर निकाले जाने का कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए गए वो झूठे हैं। मुख्यमंत्री के आवास पर किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई। मुझे जहां तक जानकारी है, आशू मलिक ने एफआईआर में लिखा है कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर उनके साथ मारपीट की गई।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, सुरक्षा रहती है और जिस दिन की ये घटना बताई जा रही है पूरा मीडिया सीएम आवास के बाहर जमा था। मीडिया वालों से या फुटेज चेक कर लें अगर आशू मलिक से मेरा नमस्कार या हाथ मिलाने का फुटेज भी मिल जाए तो सारे आरोप मैं स्वीकार कर लूंगा।