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लखनऊ के इस संस्थान को Top ten मे लाने का प्रयास, रिसर्च के साथ ही बढ़ाई जाएंगी ये सुविधाएं

Thu, 05 Apr 2018 02:59 PM IST
अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ
अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 05 Apr 2018 02:59 PM IST
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patients facility will be increased in kgmu
प्रोफेसर एमएलबी भट्ट - फोटो : डेमो

केजीएमयू को मानव संसाधन विभाग की राष्ट्रीय रैकिंग में ओवरआल श्रेणी में 23वां, मेडिकल कैटैगरी में 5वां और विश्वविद्यालय की श्रेणी में 15वां स्थान मिलने से जिम्मेदारी और बढ़ गई हैं। अब संस्थान को टॉप टेन में ले जाने का प्रयास होगा। पेटेंट और रिसर्च की सुविधा बढ़ाएंगे।

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चिकित्सा शिक्षा में सुधार और शिक्षकों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने एनआईआरएफ रैकिंग में चिकित्सा विवि की सफलता के बाद ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में ये जानकारी दी। केजीएमयू को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलता से उत्साहित प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि देश के 120 साल से भी अधिक पुराने चिकित्सा संस्थान में कार्य करने का उन्हें गर्व है।
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संस्थान के एक-एक कर्मचारी और शिक्षक की मेहनत इस सफलता के पीछे है। प्रो. भट्ट ने कहा कि केजीएमयू की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। मानक के अनुसार सभी विभागों में शिक्षक होने से शैक्षिक और चिकित्सीय दोनों व्यवस्थाएं सुधरेंगे।

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मॉलीक्युलर व जेनेटिक रिसर्च को बढ़ावा

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शिक्षक केजीएमयू आने के लिए आकर्षित हों इसके लिए उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा छात्र व शिक्षकों का विदेशी चिकित्सा संस्थानों से शैक्षणिक आदान-प्रदान हो रहा है। इसे और बढ़ाया जाएगा। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे कार्य होता है, इसकी जानकारी मिल सके। 
 

इसके अलावा एमबीबीएस व पीजी छात्रों को शोध केलिए प्रेरित किया जाएगा। जिससे शिक्षण और शोध दोनों की क्षेत्रों में वो परांगत हो सके। उनके रिसर्च अच्छे मेडिकल जरनल में छप सकें इसके भी  प्रयास होंगे। छात्रों के सुविधा युक्त छात्रावास, ई-लाइब्रेरी की सुविधा को और उच्चीकृत किया जाएगा। मॉलिक्युलर और जेनेटिक रिसर्च को बढ़ावा देकर टारगेट थेरेपी की तकनीक को विकसित किया जाएगा। जिससे मरीजों का जीन लेवल पर इलाज मिल सके।
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