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सिंगापुर के डॉक्टरों ने मांगे 25 लाख, लखनऊ पीजीआई में 40 हजार में हो गया इस गंभीर बीमारी का इलाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 22 Mar 2018 02:49 PM IST
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प्रो.अमित के साथ शमशुद
- फोटो : अमर उजाला
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ढाका बांग्लादेश से आए मरीज को संजय गांधी पीजीआई में नई जिंदगी मिल गई। इंडोक्राइन ग्लैंड में ट्यूमर के कारण उनका ब्लड प्रेशर 300 से अधिक रहता था।
अपने देश में इलाज नहीं मिला तो वह सिंगापुर इलाज की तलाश में पहुंच गए। वहां के चिकित्सकों ने सर्जरी का बिल 25 लाख बताया तो बिमारी से निजात पाने की उम्मीद भी खत्म हो गई।
वहां के चिकित्सकों ने ही उन्हें पीजीआई जाने की सलाह दी। जहां पहुंचने के बाद मात्र 40 हजार के खर्च में ही उनको नहीं जिंदगी मिल गई। ढाका बांग्लादेश के रहने वाले 43 वर्षीय मो. शमशुद जमन मियां इलाज के लिए सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में पहुंचे तो पता चला कि उन्हें फीयोक्रोमोसाइटोमा की परेशानी है, जिसका इलाज सिर्फ सर्जरी ही है।
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अपने देश में इलाज नहीं मिला तो वह सिंगापुर इलाज की तलाश में पहुंच गए। वहां के चिकित्सकों ने सर्जरी का बिल 25 लाख बताया तो बिमारी से निजात पाने की उम्मीद भी खत्म हो गई।
वहां के चिकित्सकों ने ही उन्हें पीजीआई जाने की सलाह दी। जहां पहुंचने के बाद मात्र 40 हजार के खर्च में ही उनको नहीं जिंदगी मिल गई। ढाका बांग्लादेश के रहने वाले 43 वर्षीय मो. शमशुद जमन मियां इलाज के लिए सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में पहुंचे तो पता चला कि उन्हें फीयोक्रोमोसाइटोमा की परेशानी है, जिसका इलाज सिर्फ सर्जरी ही है।
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ये शामिल हुए सर्जरी में
डेमो
सस्ती सर्जरी कराने के लिए सिंगापुर के सर्जन ने उनको संजय गांधी पीजीआई में सर्जरी कराने की सलाह दी। यही नहीं वहां केचिकित्सक ने एसजीपीआई के इंडोक्राइन सर्जन प्रो. अमित अग्रवाल को शमशुद की बीमारी की जानकारी भेज दी।
प्रो. अमित अग्रवाल, डॉ. सवारत्मन, डॉ. सुनील मट्टू, डॉ. रुफ, एनेस्थेटिस्ट प्रो. आशीष कनौजिया, रंजना, फणीष, दीप्ति सर्जरी में शामिल हुए।
प्रो. अमित अग्रवाल, डॉ. सवारत्मन, डॉ. सुनील मट्टू, डॉ. रुफ, एनेस्थेटिस्ट प्रो. आशीष कनौजिया, रंजना, फणीष, दीप्ति सर्जरी में शामिल हुए।