इमरजेन्सी में 24 घंटे मिलेगा फ्री इलाज
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डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट और मेडिकल साइसेंज में इमरजेंसी विभाग शुरू हो गया है। इसके लिए जल्दी ही बजट जारी किया जाएगा।
लोहिया इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. नुजहत हुसैन ने बताया कि आरएमएलआईएमएस में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
सरकार को 35 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव और बनाकर दिया गया है। जिसमें 250 पदों की मांग की गई है। इसमें भवन से लेकर उपकरणों की खरीद की जाएगी।
जल्दी ही इसके लिए बजट जारी हो जाएगा और छह महीने के अंदर विभाग में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी मेडिसिन में आने वाले मरीजों को 24 घंटे तक फ्री इलाज दिया जाएगा।
इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 40 बेड के एक वार्ड का भी लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे। प्रो. नुजहत हुसैन ने बताया कि संस्थान में हाईटेक ई-लाइब्रेरी बनाई जा रही है।
शासन को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है कि ई-लाइब्रेरी से सभी मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। जिससे वहां की छात्र-छात्राएं व फैकल्टी मेंबर भी इस ऑनलाइन लाइब्रेरी का फायदा उठा सकें।
14 मंजिला एकेडमिक ब्लॉक की होगी शुरुआत
डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरएमएलआईएमएस) के बहुप्रतीक्षित एकेडमिक ब्लॉक का शिलान्यास मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को करेंगे।
363 करोड़ रुपये की लागत से इस ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। 14 मंजिला भवन में पहले चरण में पांच फ्लोर बनेंगे। जिसमें एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। इसके बाद आगे का निर्माण कार्य होगा।
लोहिया इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. नुजुहत हुसैन ने बताया कि भवन का निर्माण 4.6 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इसमें एमबीबीएस से लेकर पीजी की कक्षाएं लगेंगी। पहले चरण को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तब तक एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि एमसीआई के मानकों के अनुसार ही ब्लॉक में लेक्चर थिएटर, सेंट्रल लाइब्रेरी, लैबोरेट्री, एग्जामिनेशन रूम भी होगा।
इंस्टीट्यूट में 150 एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश की अनुमति ली जाएगी। 2016 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए एमसीआई में आवेदन किया जाएगा।
इसमें मेडिसिन व सर्जरी दोनों के मरीज भर्ती किया जाएंगे। इसके बाद 14 बेड का एक और आईसीयू विकसित किया जाएगा।