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ऑक्सीजन प्वाइंट में थी खराबी, नहीं बदला बेड, चली गई मरीज की जान
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लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती महिला मरीज के बेड पर लगे ऑक्सीजन प्वाइंट में गड़बड़ी से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो गई। इससे महिला मरीज की सांसें उखड़ने लगीं। तीमारदारों ने इसकी शिकायत स्टाफ से की, लेकिन एक घंटे तक सुनवाई न होने से मरीज की हालत नाजुक हो गई। बाद में उसे आईसीयू ले जाया गया, लेकिन उसकी जान चली गई। तीमारदारों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
मड़ियांव आईआईएम रोड की रहने वाली अर्चना सिंह (29) करीब एक सप्ताह पहले संक्रमित हुई थी। शनिवार को हालत गंभीर होने पर उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था। परिजनों के मुताबिक रात में उनके बेड पर लगे ऑक्सीजन प्वाइंट से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। परिजनों ने उन्हें नए बेड पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब एक घंटे तक मरीज बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के रही। इससे ऑक्सीजन बेहद नीचे गिर गया। तीमारदारों ने इस पर नाराजगी जताई तो मरीज को आईसीयू में ले जाया गया, लेकिन वहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस बारे में अस्पताल के निदेशक डॉ. संतोष पांडेय का कहना है कि तीमारदारों के आरोप गलत हैं। महिला मरीज की हालत काफी गंभीर थी।
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मड़ियांव आईआईएम रोड की रहने वाली अर्चना सिंह (29) करीब एक सप्ताह पहले संक्रमित हुई थी। शनिवार को हालत गंभीर होने पर उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था। परिजनों के मुताबिक रात में उनके बेड पर लगे ऑक्सीजन प्वाइंट से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। परिजनों ने उन्हें नए बेड पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब एक घंटे तक मरीज बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के रही। इससे ऑक्सीजन बेहद नीचे गिर गया। तीमारदारों ने इस पर नाराजगी जताई तो मरीज को आईसीयू में ले जाया गया, लेकिन वहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस बारे में अस्पताल के निदेशक डॉ. संतोष पांडेय का कहना है कि तीमारदारों के आरोप गलत हैं। महिला मरीज की हालत काफी गंभीर थी।
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