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Lucknow News: होम्योपैथी कॉलेज में पैथोलॉजी जांचें ठप, मरीज परेशान
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लखनऊ। गोमतीनगर स्थित राजकीय होम्योपैथी कॉलेज में कई दिनों से पैथोलॉजी जांचें ठप है। इससे मरीजों को बाहर महंगा शुल्क देकर जांच करवानी पड़ रही है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संविदा पर तैनात कर्मचारियों के नवीनीकरण की फाइल शासन को भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही जांचें शुरू हो जाएंगी।
होम्योपैथी डॉक्टर भी कई बार मरीज की खून संबंधी जांच रिपोर्ट देखने के बाद दवाएं देते हैं। ऐेसे में संस्थान परिसर में बीते साल से खून की जांचें शुरू होने से काफी राहत हो गई थी। इसके लिए संविदा पर 15 कर्मचारी तैनात किए गए थे। 31 अगस्त को इनके संविदा की अवधि समाप्त हो गई। इस बीच इनकी फाइल नवीनीकरण के लिए शासन को भेजी गई, पर अभी तक मंजूरी न मिलने से जांचें ठप हो गईं।
यहां इलाज करवाने आए गोमतीनगर के सुरेश कुमार ने बताया कि दवाई व जांच दोनों अस्पताल में होने से भागना नहीं पड़ता था। अब निजी लैब से महंगी दर पर जांचें करानी पड़ रही हैं। यही शिकायत इंदिरानगर के रवि और चिनहट के आशुतोष वर्मा की भी थी। इनका सवाल था कि आखिर संविदा नवीनीकरण की फाइल इतनी देर में क्यों चलाई गई, यह काम पहले ही हो जाना चाहिए था।
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प्रिंसिपल डॉ. डीके सोनकर का कहना है कि कर्मचारियों के संविदा नवीनीकरण की फाइल पहले ही भेजी गई थी। किन्हीं कारणों से समय लग रहा है। उम्मीद है कि जल्द मंजूरी मिल जाएगी और जांचें शुरू हो जाएंगी।
होम्योपैथी डॉक्टर भी कई बार मरीज की खून संबंधी जांच रिपोर्ट देखने के बाद दवाएं देते हैं। ऐेसे में संस्थान परिसर में बीते साल से खून की जांचें शुरू होने से काफी राहत हो गई थी। इसके लिए संविदा पर 15 कर्मचारी तैनात किए गए थे। 31 अगस्त को इनके संविदा की अवधि समाप्त हो गई। इस बीच इनकी फाइल नवीनीकरण के लिए शासन को भेजी गई, पर अभी तक मंजूरी न मिलने से जांचें ठप हो गईं।
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यहां इलाज करवाने आए गोमतीनगर के सुरेश कुमार ने बताया कि दवाई व जांच दोनों अस्पताल में होने से भागना नहीं पड़ता था। अब निजी लैब से महंगी दर पर जांचें करानी पड़ रही हैं। यही शिकायत इंदिरानगर के रवि और चिनहट के आशुतोष वर्मा की भी थी। इनका सवाल था कि आखिर संविदा नवीनीकरण की फाइल इतनी देर में क्यों चलाई गई, यह काम पहले ही हो जाना चाहिए था।
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प्रिंसिपल डॉ. डीके सोनकर का कहना है कि कर्मचारियों के संविदा नवीनीकरण की फाइल पहले ही भेजी गई थी। किन्हीं कारणों से समय लग रहा है। उम्मीद है कि जल्द मंजूरी मिल जाएगी और जांचें शुरू हो जाएंगी।