सामने आएगा परिषदीय स्कूलों का कच्चा चिट्ठा
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राज्य सरकार परिषदीय स्कूलों की सभी सूचनाएं सार्वजनिक करेगी। बेसिक शिक्षा परिषद के कितने स्कूल हैं, इनमें कितने बच्चे पढ़ते हैं, उनके लिए कौन-कौन सी योजनाएं चल रही हैं, इन पर कितना खर्च आ रहा है। कितने सहायता प्राप्त स्कूल हैं और इनमें कितने शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं।
इसकी जानकारी आम लोगों को देने के लिए स्कूलों में जिलेवार ब्यौरा अंकित किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक कुमुदलता श्रीवास्तव ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है।
इसके साथ ही परिषदीय स्कूलों की सभी सूचनाएं सार्वजनिक की जानी हैं। प्रदेश में 1,13,627 प्राइमरी तथा 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें करीब 1.90 करोड़ बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद से अनुदानित स्कूल भी चल रहे हैं।
इन बातों की मिलेगी जानकारी
परिषदीय स्कूलों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जनवाचन योजना के तहत स्कूलों की सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक व प्रभारी अध्यापक की होगी।
खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक आम लोगों के लिए सूचनाएं सार्वजनिक किए जाने का निरीक्षण कर परियोजना निदेशालय को सूचना देंगे।
तीन साल का होगा ब्यौरा
योजना के तहत स्कूल वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 तथा 2014-15 की सूचनाएं सार्वजनिक करेंगे। इसमें स्कूल में मौजूद साधन, कक्षा-कक्षों की संख्या, शौचालय (बालक-बालिका), पेयजल की सुविधा, फर्नीचर, किचन शेड, रैंप, बिजली व्यवस्था, पुस्तकालय की उपलब्धता, छात्र नामांकन, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे, मुफ्त यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तक के लाभार्थियों की संख्या, वितरण की तिथि, छात्रवृत्ति का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या, शिक्षक (महिला, पुरुष संख्या), रसोइयों की संख्या, अनुदान की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।