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शिक्षकों और शिक्षामित्रों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, लंबे समय से की जा रही मांग पूरी

Sat, 01 Feb 2020 04:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 01 Feb 2020 04:11 PM IST
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parishadiya school teachers will get insurance cover in uttar pradesh.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों का सामूहिक स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा। शासन ने शुक्रवार को इसकी मंजूरी दे दी।

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अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बताया कि विभाग में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों का सामूहिक स्वास्थ्य बीमा स्वैच्छिक होगा और सरकारी उपक्रम से ही कराया जाएगा।
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स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि सामूहिक स्वास्थ्य बीमा की राशि, प्रीमियम और बीमा कंपनी चयन के लिए उनकी अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।
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बीमा कंपनियों से टेंडर आमंत्रित कर बीमा कराया जाएगा। परिषदीय शिक्षक लंबे समय से सामूहिक स्वास्थ्य बीमा की मांग कर रहे थे।

शिक्षामित्रों की वाजिब समस्याओं का निपटारा करने का दिलाया था भरोसा

इसके पहले, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने कहा था कि सरकार शिक्षामित्रों की वाजिब समस्याओं के समाधान का हर संभव प्रयास करेगी। सतीश द्विवेदी ने आदर्श शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को शिक्षामित्रों के मुद्दों की मौजूदा स्थिति का आकलन कर मुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों से बातचीत का आश्वासन दिया था।

जिस पर प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने उनसे शिक्षामित्रों को 12 महीने का मानदेय दिलाने, मानदेय बढ़वाने, शिक्षक भर्ती में अधिक रियायत दिलाने और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग की थी।

प्रियंका गांधी भी शिक्षामित्रों के मुद्दे पर सरकार पर उठा चुकी हैं सवाल

इसके पहले, शिक्षामित्रों के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में नूराकुश्ती का दौर भी देखने को मिला था। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार को घेरा। वहीं, सरकार की ओर से भी कहा गया कि वर्ष 2004-14 के बीच सत्ता में रहने पर कांग्रेस ने इस तरफ क्यों ध्यान नहीं दिया।

प्रियंका ने ट्वीट किया था कि -‘उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की मेहनत का रोज अपमान होता है। सैकड़ों पीड़ितों ने आत्महत्या कर ली। जो सड़कों पर उतरे, सरकार ने उन पर लाठियां चलाईं। रासुका के तहत केस दर्ज किया। भाजपा के नेता टी-शटों की मार्केटिंग में व्यस्त हैं। काश वे अपना ध्यान दर्दमंदों की ओर भी डालते।’ प्रियंका ने ट्वीट के माध्यम से अनुदेशकों का मुद्दा भी उठाया।

इस मामले में योगी सरकार की ओर से मोर्चा मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने संभाला। उन्होंने प्रियंका को टैग करते हुए ट्वीट किया-‘आप पहले इस बात का जवाब दीजिए कि शिक्षामित्रों की सुविधाओं को लेकर 2004 से 2014 तक केंद्र की कांग्रेस सरकार क्यों सोती रही। राजनीति की जल्दबाजी में अपनी जिम्मेदारियों से मत भागिए।’ मौजूदा केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया। उनकी निष्पक्ष भर्ती की प्रक्रिया शुरू की। शिक्षक चयन में 25 फीसदी का वेटेज दिया। शिक्षामित्रों को उनके गृह जनपद में ही तैनाती दी गई।

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