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Health: 'बच्चों में हार्ट अटैक बेहद दुर्लभ...', डॉक्टर बोले- छिपी बीमारी का संकेत; इन लक्षणों को न करें अनदेखा

Sat, 06 Dec 2025 01:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 06 Dec 2025 01:31 PM IST
सार

Health News: लखनऊ में छठवीं के छात्र की हार्ट अटैक से मौत ने सभी को अचंभित कर दिया है। घटना से डॉक्टर भी बेहद हैरान हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी दुर्लभ है। बच्चों में दिल का दौरा किसी  छिपी बीमारी का संकेत है। कोई लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। 

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Heart attacks in children sign of some underlying illness Know symptoms and consult doctor immediately
Health: बच्चों में हार्ट अटैक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में महानगर स्थित माउंटफोर्ट इंटर कॉलेज में कक्षा छह के छात्र अमेय की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने अभिभावकों और चिकित्सकों को चिंता में डाल दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम उम्र में दिल का दौरा पड़ना बेहद दुर्लभ है। आमतौर पर ऐसे मामलों के पीछे दिल से जुड़ी कोई न कोई जन्मजात या छिपी हुई बीमारी होती है। समय रहते इसकी पहचान नहीं हो पाती, जिस कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। 

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बलरामपुर अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. यूसुफ अंसारी के अनुसार, समय से पहले जन्मे बच्चों में दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे बच्चों में दिल पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता या दिल में सुराख रह जाता है। समय रहते जांच न कराने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। बच्चों की हार्ट हेल्थ की पुष्टि के लिए टूडी ईको और एक्स-रे जरूर कराएं।

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छठवीं के छात्र अमेय की हार्ट अटैक से मौत के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भुवन तिवारी ने कहा कि बच्चे में अचानक हार्ट अटैक आना सामान्य नहीं है। यह किसी पुरानी, जन्मजात या दिल की अनदेखी बीमारी का संकेत होता है। कई बच्चों में पैदाइशी नसों में ब्लॉकेज होता है। किसी के दिल की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, तो कुछ में कोलेस्ट्रॉल असामान्य रहता है। कई बच्चे तनाव या डर की वजह से भी अचानक बेहोश हो सकते हैं।

Heart attacks in children sign of some underlying illness Know symptoms and consult doctor immediately
छठवीं के छात्र अमेय की हार्ट अटैक से मौत के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि यदि बच्चा तनाव में दिखे, अचानक बेहद शांत हो जाए, चलने पर सांस फूले या धड़कन अनियंत्रित लगे, तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं। यह शुरुआती चेतावनी हो सकती है। माउंटफोर्ट स्कूल के छात्र की मौत के असल कारणों का पता लगाने के लिए भी चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
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छठवीं के छात्र अमेय की हार्ट अटैक से मौत से हर आंख नम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

धड़कन बढ़े तो तुरंत सावधान हों

डॉ. भुवन तिवारी ने बताया कि यदि बच्चा चलने-फिरने पर लगातार थकान महसूस करे या परिवार में किसी की दिल की बीमारी की वजह से मौत हुई हो, तो जोखिम और बढ़ जाता है। कई बार बच्चे खुद धड़कन बढ़ने या उलझन की शिकायत करते हैं। ऐसे में डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

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छठवीं के छात्र अमेय की हार्ट अटैक से मौत से स्कूल में दुखी शिक्षिकाएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बचाव के उपाय

  • बच्चों को तनाव और दबाव से दूर रखें
  • खानपान संतुलित रखें, जंक फूड से बचाएं
  • बच्चों की नींद पूरी होने दें
  • किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच कराएं
  • यदि परिवार में जेनेटिक हार्ट डिसीज हो, तो समय-समय पर स्क्रीनिंग कराएं
  • खेलते वक्त बच्चा ज्यादा सांस फूले तो इसे नजरअंदाज न करें
  • बच्चा एकदम असामान्य रूप से शांत हो जाए, तो डॉक्टर को दिखाएं
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