फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   parents reject their son in anger.

इस बच्चे की आपबीती सुनकर रो देंगे आप

Wed, 12 Nov 2014 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 12 Nov 2014 05:57 PM IST
विज्ञापन
parents reject their son in anger.

नाका कोतवाली क्षेत्र में एक व्यापारी और उसकी पत्नी के बीच झगड़े ने मासूम बेटे को दिनभर के लिए बेघर कर दिया। ननिहाल में रह रहा बच्चा अपने पिता से मिलने निकला तो मां ने उसके लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए।

विज्ञापन


पिता के पास पहुंचा तो उसने कानूनी पेचीदगी बताकर बच्चे को चौखट से लौटा दिया। कई घंटे दोनों घरों के चक्कर काटने के बाद हताश होकर मासूम ने कोतवाली में गुहार लगाई। पुलिस और चाइल्ड हेल्प लाइन की दखल पर मां ने उसे अपने घर में पनाह दी।
विज्ञापन


13 साल का अमन मंगलवार दोपहर 2 बजे सुबकते हुए नाका कोतवाली पहुंचा। संतरी से बोला इंस्पेक्टर अंकल से मिलना है। ब्रांडेड जींस व टी-शर्ट पहने अमन ने इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह के सामने जाते ही अभिवादन के साथ कुर्सी संभाली।
विज्ञापन
विज्ञापन


बोला, मैं कक्षा छह में पढ़ता हूं। विजयनगर में रहने वाले पापा अमित अग्रवाल का इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की शॉप है। उनसे झगड़े के चलते मम्मी गीता अग्रवाल राजेंद्रनगर स्थित मायके में रह रही हैं।

पापा-मम्मी के बीच मुकदमा चल रहा है। मेरा मन पापा से मिलने को था। इसलिए मम्मी को बताकर सुबह नानी के घर से निकला तो मम्मी ने कभी लौटकर न आने की बात कहकर दरवाजा बंद कर लिया।

‘अंकल प्लीज मेरी मदद कीजिए’

parents reject their son in anger.

पापा के पास पहुंचा तो उन्होंने मुकदमे का फैसला होने तक अपने साथ न रखने की बात कही और चौखट से ही लौटा दिया। इसके बाद मम्मी के पास लौटा, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।

मैं फिर पापा के घर व शॉप पर गया, लेकिन कानूनी पेचीदगी बताकर उन्होंने अपने साथ घर में रहने की इजाजत नहीं दी। मम्मी और पापा के घर के कई चक्कर काटे। कोई रास्ता नजर नहीं आया, अंकल प्लीज मेरी मदद कीजिए।

रोते मासूम को ढांढस बंधाने के साथ इंस्पेक्टर ने फल मंगाकर उसे खिलाया। इसके बाद उसके पिता को फोन किया। उन्होंने कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन होने की वजह से बच्चे को साथ न रखने की बात कही।

मां ने भी बच्चे को पिता से मोह की बात कहकर उसे अपने पास नहीं रखने की दलील दी। असमंजस में फंसे इंस्पेक्टर ने चाइल्ड हेल्प लाइन को फोन करके मामले की जानकारी दी।
थोड़ी देर में चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम नाका कोतवाली पहुंची। इंस्पेक्टर ने बच्चे को फल, बिस्किट व कुछ अन्य वस्तुएं देकर टीम के साथ भेजा दिया।

चाइल्ड हेल्प लाइन के डॉ. अंशुमाली शर्मा और बाल कल्याण समिति के विजय पाठक ने बच्चे के माता-पिता को समझाने की कोशिश की। पिता अपनी जिद पर अड़ा रहा, जबकि मां ने पुलिस की सख्ती पर रात करीब नौ बजे बच्चे को अपने घर में पनाह दे दी।
नोटः सभी नाम बदले गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed