फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Papa used to say that you talk too much, now the world is listening to what the daughter says.

Lucknow News: पापा कहते थे बहुत बोलती हो, अब दुनिया सुन रही बिटिया की बात

Wed, 07 Jan 2026 02:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
Papa used to say that you talk too much, now the world is listening to what the daughter says.
सदफ
लखनऊ। इतना मत बोला करो... बचपन में पापा की यह मीठी डांट आज सदफ के लिए गर्व का तमगा बन चुकी है। लखनऊ की यह बिटिया अब सिर्फ घर या स्कूल के मंच तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसकी आवाज दुनिया के बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गूंज रही है। लोकनीति, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाली सदफ को यूएई में आयोजित इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी फोरम के लिए आमंत्रण मिला है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित मंच पर आमंत्रित होने वाली वह एकमात्र भारतीय प्रतिनिधि हैं। सदफ ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 8 से 16 जनवरी के बीच यूएई में होगा। यूएई सरकार की ओर से दुनियाभर से केवल 10 डेलीगेट्स को चुना गया है। इस दौरान वह अबूधाबी सस्टेनेबिलिटी वीक और 16वीं इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी फोरम असेंबली का भी हिस्सा बनेंगी। ये मंच नवीकरणीय ऊर्जा, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन जैसे भविष्य के अहम मुद्दों पर केंद्रित हैं।
विज्ञापन


यूएई से पहले सदफ अजरबैजान के बाकू, स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न (यूनेस्को एथिक्स प्रोग्राम), रूस के मॉस्को (ब्रिक्स यूथ एनर्जी समिट), मलेशिया के कुआलालंपुर (यंग लीडर्स यूनियन) और बाकू क्लाइमेट एक्शन वीक जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अब तक वह 15 देशों की यात्रा कर चुकी हैं।
विज्ञापन


साधारण परिवार, असाधारण सपने सरोजनीनगर क्षेत्र के बेहसा गांव की रहने वाली सदफ का परिवार बेहद साधारण है। पिता समीर खान बिजली की दुकान चलाते हैं, मां अफसाना खान गृहिणी हैं। छोटी बहन शिफा और छोटा भाई आफाक है। सीमित संसाधनों के बावजूद सदफ ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से पीजी करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक्टिविस्ट नहीं, नीति निर्माता बनना चाहती हैं सदफ बताती हैं कि बोलने का शौक बचपन से था। इतना कि कई बार घर में डांट भी पड़ती थी। स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक हर मंच पर उन्होंने अपनी बात रखी। यही जुनून उन्हें राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय पहचान तक ले गया। हालांकि, वह खुद को केवल एक एक्टिविस्ट के रूप में सीमित नहीं देखतीं। उनका सपना है आईएएस अधिकारी बनकर नीति निर्माण में सीधी भूमिका निभाना। ताकि बदलाव सिर्फ मंचों तक न रहे, बल्कि व्यवस्था तक पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed