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Lucknow News: हर मोर्चे पर पस्त हुई पंत की पलटन
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हर मोर्चे पर पस्त हुई पंत की पलटन
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लखनऊ। वर्ष 2022 में आईपीएल की सबसे महंगी टीम के रूप में शुरुआत करने वाली लखनऊ सुपरजायंट्स का प्रदर्शन हर सीजन के साथ गिरता चला गया। मौजूदा सत्र में टीम अंक तालिका में आखिरी पायदान यानी दसवें स्थान पर पहुंचकर पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई। बल्लेबाजी में मिचेल मार्श (13 मैच में 563 रन) और गेंदबाजी में प्रिंस यादव (14 मैच में 16 विकेट) को छोड़कर बाकी खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
सत्र के आखिरी पांच मुकाबलों में खेलने वाले जोश इंग्लिस (पांच मैच में 266 रन) ने दमदार बल्लेबाजी से अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराई, लेकिन टीम से देर से जुड़ने की वजह से उनका प्रभाव सीमित रह गया। आईपीएल शुरू होने से पहले चीफ कोच जस्टिन लैंगर ने बड़े दावे करते हुए लखनऊ सुपरजायंट्स को खिताब का प्रबल दावेदार बताया था, लेकिन मैदान पर टीम का खेल उन दावों से बिल्कुल उलट नजर आया। नतीजा यह रहा कि टीम ने सीजन का अंत आखिरी स्थान के साथ किया।
गौरतलब है कि केएल राहुल की कप्तानी में एलएसजी ने पहले दो सीजन में प्लेऑफ में जगह बनाकर शानदार शुरुआत की थी। तीसरे सीजन में टीम सातवें स्थान पर खिसकी और फिर कप्तानी की कमान ऋषभ पंत को सौंपी गई। वर्ष 2025 में टीम सातवें स्थान पर रही और इस बार सीधे दसवें नंबर पर पहुंच गई।
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एक ओर जहां प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों के कप्तानों ने अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी, वहीं आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत इस सीजन हर मोर्चे पर संघर्ष करते नजर आए। इसका सीधा असर पूरी टीम के प्रदर्शन पर पड़ा। लगातार दूसरे साल टीम की कमान संभाल रहे पंत हैदराबाद के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 68 रन की पारी को छोड़ दें तो कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके। पिछले दो सीजन में उनकी कप्तानी में एलएसजी ने 28 मैचों में सिर्फ 10 जीत दर्ज कीं, जबकि 18 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी में भी पंत का प्रदर्शन औसत रहा। दो सीजन में उनके बल्ले से कुल 581 रन निकले और उनका औसत व स्ट्राइक रेट दोनों ही उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों से काफी नीचे रहे। कभी 2018 में 684 रन 173.60 के स्ट्राइक रेट और 2019 में 488 रन 162.66 के स्ट्राइक रेट से बनाकर आईपीएल में सनसनी मचाने वाले पंत अब अपनी पुरानी लय से काफी दूर दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ सुपरजायंट्स के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने मैच के बाद माना कि कप्तानी के लिहाज से यह सीजन ऋषभ पंत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि टीम को कप्तानी के पहलू पर गंभीरता से विचार करना होगा। साथ ही यह भी देखने की जरूरत है कि कप्तानी का दबाव पंत की बल्लेबाजी पर कितना असर डाल रहा है। मूडी ने साफ कहा कि यह पूरा सीजन निराशाजनक रहा और अब फ्रेंचाइजी को कई बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। उनके मुताबिक समीक्षा के बाद टीम में बड़े फेरबदल की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराने से इन्कार करते हुए कहा कि इस नाकामी के लिए पूरी टीम और प्रबंधन समान रूप से जवाबदेह है।
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सत्र के आखिरी पांच मुकाबलों में खेलने वाले जोश इंग्लिस (पांच मैच में 266 रन) ने दमदार बल्लेबाजी से अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराई, लेकिन टीम से देर से जुड़ने की वजह से उनका प्रभाव सीमित रह गया। आईपीएल शुरू होने से पहले चीफ कोच जस्टिन लैंगर ने बड़े दावे करते हुए लखनऊ सुपरजायंट्स को खिताब का प्रबल दावेदार बताया था, लेकिन मैदान पर टीम का खेल उन दावों से बिल्कुल उलट नजर आया। नतीजा यह रहा कि टीम ने सीजन का अंत आखिरी स्थान के साथ किया।
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गौरतलब है कि केएल राहुल की कप्तानी में एलएसजी ने पहले दो सीजन में प्लेऑफ में जगह बनाकर शानदार शुरुआत की थी। तीसरे सीजन में टीम सातवें स्थान पर खिसकी और फिर कप्तानी की कमान ऋषभ पंत को सौंपी गई। वर्ष 2025 में टीम सातवें स्थान पर रही और इस बार सीधे दसवें नंबर पर पहुंच गई।
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एक ओर जहां प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों के कप्तानों ने अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी, वहीं आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत इस सीजन हर मोर्चे पर संघर्ष करते नजर आए। इसका सीधा असर पूरी टीम के प्रदर्शन पर पड़ा। लगातार दूसरे साल टीम की कमान संभाल रहे पंत हैदराबाद के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 68 रन की पारी को छोड़ दें तो कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके। पिछले दो सीजन में उनकी कप्तानी में एलएसजी ने 28 मैचों में सिर्फ 10 जीत दर्ज कीं, जबकि 18 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी में भी पंत का प्रदर्शन औसत रहा। दो सीजन में उनके बल्ले से कुल 581 रन निकले और उनका औसत व स्ट्राइक रेट दोनों ही उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों से काफी नीचे रहे। कभी 2018 में 684 रन 173.60 के स्ट्राइक रेट और 2019 में 488 रन 162.66 के स्ट्राइक रेट से बनाकर आईपीएल में सनसनी मचाने वाले पंत अब अपनी पुरानी लय से काफी दूर दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ सुपरजायंट्स के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने मैच के बाद माना कि कप्तानी के लिहाज से यह सीजन ऋषभ पंत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि टीम को कप्तानी के पहलू पर गंभीरता से विचार करना होगा। साथ ही यह भी देखने की जरूरत है कि कप्तानी का दबाव पंत की बल्लेबाजी पर कितना असर डाल रहा है। मूडी ने साफ कहा कि यह पूरा सीजन निराशाजनक रहा और अब फ्रेंचाइजी को कई बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। उनके मुताबिक समीक्षा के बाद टीम में बड़े फेरबदल की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराने से इन्कार करते हुए कहा कि इस नाकामी के लिए पूरी टीम और प्रबंधन समान रूप से जवाबदेह है।

हर मोर्चे पर पस्त हुई पंत की पलटन

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