अस्पतालों में भूकंप की वजह से हुई भगदड़
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भूकंप से मंगलवार को अस्पतालों में भगदड़ मच गई। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल सिविल में जैसे ही लोगों का जमीन हिलती हुई लगी अचानक वहां भगदड़ मच गई। ओपीडी के बार दवा लेने केलिए लाइन में लगे मरीज और उनके परिवारीजन अचानक भागने लगे। एक-दूसरे को देखकर वहां भगदड़ मच गई। ओपीडी, वार्डों से भी मरीज और उनकेपरिवारीजन बाहर निकल आए।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के पास खाली जगह पर सभी इकठ्ठे होकर भूकंप को महसूस करने लगे। कोई कार को हिलता देख रहा तो कोई उसके अंदर लगे हैंगिंग शोपीस को देख रहा था। कई लोग इमरजेंसी भवन के शीशों को थरथराते देखकर भूकंप को महसूस कर रहे थे।
ऑपरेशन थिएटर से डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी बाहर निकल आया था। पहले और दूसरे तल पर भर्ती मरीजों को इस दौरान काफी दिक्कत हुई। क्योंकि रैंप न होने के कारण वो बाहर नहीं निकल पाए। उधर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे इस दौरान मरीजों और उनके परिवारीजनों को भगदड़ न मचाने की अपील करते रहे।
एसजीपीजीआई में भी मची भगदड़
एसजीपीजीआई में मरीजों में एक बार फिर भगदड़ मच गई।कुछ मरीजों और परिवारीजनों को भूकंप का झटका महसूस हुआ लेकिन कुछ को तो तब पता चला जब दूसरे भागने लगे। बलिया से आए इदरीस ओपीडी मे अपनी पत्नी फरहा को दिखाने के लिए बैठे थे। तभी लोग तेजी से बाहर भागने लगे। उन्होंने पूछा क्या हुआ तो दूसरों ने बताया जल्दी बाहर निकलो भूकंप आया है।
इसके बाद वो भी पत्नी और बच्चों के साथबाहर निकल आए। बाराबंकी से आई सुनीता अपनी नौ साल की बच्ची महक को दिखाने के लिए ओपीडी मे खड़ी थी। ऐसा लगा कि चक्कर आ रहा है, वो बैठने जा ही रही थी कि लोगों ने कहा बाहर निकलो भूकंप आया है तब वो बच्ची को लेकर बाहर भागी। इलाहाबाद से आए कफील अहमद का पेट के कैंसर का आपरेशन हुआ था।
वह चौथी मंजिल पर थे अचानक उनका बेड हिलने लगा तो तुरंत नीचे की ओर भागे। कफील बताते है की पिछली बार भूकंप आया था तो वो अपने घर इलाहाबाद में थे। वहां उन्होंने भूकंप को महसूस किया था। इसलिए आज तुरंत समझ गए।
गाजीपुर से आई राधा अपनी बेटी लक्ष्मी की डायलिसिस करवा रही थी। जैसे ही भूकंप आया तो मरीजो को छोड़ नर्स बाहर भागी। डॉक्टर भी बाहर निकले। इसके बाद वो पीछे-पीछे भाग निकली। इसके अलावा केजीएमयू, लिंब सेंटर, बलरामपुर सहित अन्य अस्पतालो में भी ऐसे ही हालात रहे।