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टैक्सी, स्कूली वाहनों में लगेेंगे पैनिक बटन, सवारियों की सुरक्षा के मद्देनजर डायल-112 से होगा वाहन का कनेक्शन, परिवहन विभाग कंट्रोल रूम बनाने के लिए साल भर बाद फिर हुआ सक्रिय
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प्रतीकात्मक चित्र।
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लखनऊ। परिवहन विभाग टैक्सी, स्कूली वाहनों (बस) में पैनिक बटन व वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) लगाने के लिए साल भर बाद फिर सक्रिय हुआ है। तकनीकी इकाई ने मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाकर वाहनों की निगरानी की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, व्यवस्था को प्रभावी होने में वक्त लग सकता है।
वर्ष 2019 में परिवहन विभाग ने निर्भया योजना के तहत टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वाहन की लोकेशन बताने वाली डिवाइस लगवाने के लिए जोर-शोर से काम शुरू किया था, लेकिन कोरोना के चलते योजना अटक गई। अब विभाग फिर सक्रिय हुआ है। टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन, वीटीएस अपने खर्च पर लगवाना होगा। यानी इसका आर्थिक बोझ वाहन मालिक को ही उठाना पड़ेगा। विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (तकनीकी) कमल जोशी ने बताया कि टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस डिवाइस लगने के बाद उसका कनेक्शन डायल-112 से भी होगा। इससे वाहन में सफर करने वालों की निगरानी कर उनकी सुरक्षा की जा सके।
एआरटीओ-आरटीओ बनेंगे जिम्मेदार
टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस लगवाने की जिम्मेदारी हर जिले के एआरटीओ व आरटीओ को उठानी पड़ेगी। इन्हें इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को करनी पड़ेगी।
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वर्ष 2019 में परिवहन विभाग ने निर्भया योजना के तहत टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वाहन की लोकेशन बताने वाली डिवाइस लगवाने के लिए जोर-शोर से काम शुरू किया था, लेकिन कोरोना के चलते योजना अटक गई। अब विभाग फिर सक्रिय हुआ है। टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन, वीटीएस अपने खर्च पर लगवाना होगा। यानी इसका आर्थिक बोझ वाहन मालिक को ही उठाना पड़ेगा। विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (तकनीकी) कमल जोशी ने बताया कि टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस डिवाइस लगने के बाद उसका कनेक्शन डायल-112 से भी होगा। इससे वाहन में सफर करने वालों की निगरानी कर उनकी सुरक्षा की जा सके।
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एआरटीओ-आरटीओ बनेंगे जिम्मेदार
टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस लगवाने की जिम्मेदारी हर जिले के एआरटीओ व आरटीओ को उठानी पड़ेगी। इन्हें इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को करनी पड़ेगी।
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