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मां नहीं बन सकी तो पंचायत ने पति-पत्नी को अलग किया

Fri, 01 Apr 2016 11:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 01 Apr 2016 11:57 AM IST
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Panchayat separated a couple for not having a child.
- फोटो : Demo Pic

निगोहां में शादी के तीन साल तक विवाहिता की कोख नहीं भरी तो पंचायत ने पति-पत्नी को अलग करने का फैसला कर लिया। शादी खारिज करते हुए पंचायत ने दोनों को अलग-अलग रहने का फरमान सुना दिया।

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यह फरमान सुन दंपती के होश उड़ गए। पर, पंचायत के डर से कोई विरोध नहीं कर सका। पति ने दहेज का सारा सामान वापस कर दिया जिसके बाद विवाहिता के परिवारीजन उसे साथ लेकर चले गए।
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मामला बेनीगंज गांव का है। यहां एक किसान ने तीन साल पहले बछरावां की युवती से बेटे का विवाह किया था। शादी के एक साल बाद भी विवाहिता की कोख भरी तो घरवालों के बीच कानाफूसी होने लगी।
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दो साल गुजर गए तब भी संतान नहीं हुई तो विवाहिता के ससुराल वालों का धैर्य जवाब दे गया। वे उसे उलाहना देने लगे। रोज झगड़ा होता। इससे दुखी होकर विवाहिता मायके चली गई।

...और इस तरह कर दिया गया फैसला

Panchayat separated a couple for not having a child.

इस बीच ससुराल वालों ने पंचायत के सामने मामला रखा। बृहस्पतिवार को पंचायत ने दोनों पक्ष को बुलाया था। पंचायत में ही दोनों पक्ष में झगड़ा शुरू हो गया। एक-दूसरे पर आरोप लगाए।

विवाहिता का कहना था कि सही इलाज मिलने पर वह मां बन सकती है। उसने ससुराल वालों पर उपचार न कराने का आरोप लगाया।

दोनों पक्षों की बातचीत सुनने के बाद पंचायत ने पति-पत्नी को अलग करने का फरमान सुना दिया।

एक सादे कागज पर लिखा-पढ़ी के बाद विवाहिता के ससुराल वालों को दहेज का पूरा सामान लौटाने का आदेश दिया। पुलिस ने मामले की जानकारी से इन्कार किया है।

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