फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Pan masala and tobacco industry will also have to account for meter reading and garbage in up

UP : पान मसाला और तंबाकू इंडस्ट्री को मीटर रीडिंग और कूड़े का भी देना होगा हिसाब, कर बोर्ड का नया फरमान

Fri, 04 Aug 2023 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक गुप्ता, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Aug 2023 05:37 AM IST
सार

पहली बार इस सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को विभाग को बताना होगा कि उनकी मशीनों की स्पीड कितनी है। एक मिनट में कितने पाउच निकलते हैं। बिजली के मीटर की रीडिंग सुबह और रात को कितनी थी।

विज्ञापन
Pan masala and tobacco industry will also have to account for meter reading and garbage in up
सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पान मसाला और तंबाकू कारोबारियों के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विचित्र नियम जारी किया है। पहली बार इस सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को विभाग को बताना होगा कि उनकी मशीनों की स्पीड कितनी है। एक मिनट में कितने पाउच निकलते हैं। बिजली के मीटर की रीडिंग सुबह और रात को कितनी थी। जनरेटर में कितना डीजल है। यहां तक कि फैक्टरी से रोजाना निकलने वाले कूड़े का भी हिसाब तौलकर देना होगा। ऐसी सारी जानकारियों के लिए अलग-अलग फार्मेट जारी किए गए हैं। इस तरह की सारी जानकारियों से विभाग खुद ही गणना करेगा कि फैक्टरी में कितना पान मसाला बनाया जा रहा है। तब टैक्स की देनदारी निकाली जाएगी। कारोबारियों को सारी जानकारी देने के लिए तीस दिन का समय दिया गया है।

विज्ञापन


पैकिंग मशीन कब और कहां से खरीदी, ये भी बताएं
मसाला और तंबाकू कारोबारियों को बताना होगा कि पाउच और डिब्बों में मसाला पैक करने वाली मशीन का मॉडल नंबर क्या है और किससे खरीदी है। ये भी बताना होगा कि मशीन कब खरीदी, कहां लगाई, मशीन में कितने ट्रैक हैं और एक ट्रैक से कितने पाउच या डिब्बे तैयार होते हैं। इतना ही नहीं एक मशीन एक घंटे में कितनी बिजली खाती है, इसकी जानकारी भी एक महीने के अंदर देना होगी। विभाग के पास ये सारी जानकारियां आते ही अधिकारी 15 दिन के अंदर कॉमन पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
विज्ञापन


हर मशीन का होगा यूनीक आईडी कोड, कूड़ा भी तौलकर बताना होगा
आधार की तरह अब हर पान मसाला मशीन का यूनीक आईडी कोड होगा। नई मशीन खरीदने के चौबीस घंटे के अंदर कारोबारी विभाग को सूचना देगा। पुरानी मशीन को हटाने की सूचना भी चौबीस घंटे में देनी होगी। मशीन क्यों हटाई, इसकी वजह भी बतानी होगी। प्रत्येक कारोबारी को प्रतिदिन का रिकार्ड देना होगा कि उसके पास सुबह कितना कच्चा माल था। कितने माल का इस्तेमाल किया। कितना माल कूड़ा निकल गया। इन सभी की माप वीडियो की निगरानी में इलेक्ट्रानिक कांटे पर करना होगी। आठ घंटे की एक शिफ्ट में कितना पान मसाला और तंबाकू तैयार हुआ, इसका शिफ्टवार ब्योरा देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मीटर रीडिंग की एक-एक यूनिट का देना होगा हिसाब
कारोबारियों को एक अलग फार्म में बताना होगा कि सुबह मीटर की रीडिंग कितनी थी और रात में कितने यूनिट बिजली की खपत की गई। साथ ही जनरेटर की रीडिंग और डीजल खपत का हिसाब भी देना होगा। इस आदेश के बाद छापों और जांच केे असीमित अधिकार जीएसटी अधिकाारियों के पास आ गए हैं।


पहली बार इस तरह का अजीबोगरीब आदेश बोर्ड ने दिया है जबकि जीएसटी सप्लाई पर लगता है न कि उत्पादन पर। यहां पान मसाला और तंबाकू सेेक्टर पर उत्पादन का नियम लगा दिया गया हैै। इससे साफ है कि पान मसाला सेक्टर पर पुन: कंपाउंडिंग टैक्स की तैयारी की जा रही है। इससे जीएसटी अधिकारियों को असीमित अधिकार मिल जाएंगे। इस आदेश की आड़ में छापों की नई नींव पड़ गई है।
-अमित अवस्थी, वरिष्ठ सलाहकार, कस्टम व एक्साइज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed