उस नरक में वापस नहीं जाना चाहते पाकिस्तानी
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पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। उन्हें मूलभूत नागरिक सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं।
कागजों पर अल्पसंख्यक दर्जा देने वाले हुक्मरानों के इशारों पर ही बहुसंख्यक जब चाहें, उन्हें प्रताड़ित करने से नहीं चूकते।
पाकिस्तान में मिले कुछ ऐसे ही न भूलने वाले जख्मों का दर्द समेटे लखनऊ में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं की पीड़ा गुरुवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्रालय की टास्क फोर्स के सामने फूट पड़ी।
उनका कहना था कि पाकिस्तान की पैदाईश होने के बावजूद एक बार भारत में बसे नाते-रिश्तेदारों के साथ रहने के बाद अब वे वापस उस नरक में नहीं जाना चाहते।
इसीलिए शासन-प्रशासन से स्थायी तौर पर भारतीय नागरिकता दिए जाने की लगातार गुहार लगा रहे हैं। करीब 140 पीड़ितों ने एलटीवी तो 150 ने स्थायी भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर रखा है।
उन्होंने टास्क फोर्स के सदस्यों से दीर्घकालीन वीजा (एलटीवी) व स्थायी भारतीय नागरिकता के लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा कराने की गुहार लगाई।
दो महीने में मिलेगी भारतीय नागरिकता
दीर्घकालीन वीजा (एलटीवी) व भारतीय नागरिकता पाने के लंबित मामलों का निपटारा अगले दो माह में कर दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष व संयुक्त सचिव वी. वामलुमाग ने आवेदकों को यह आश्वासन दिया।
उन्होंने गुरुवार को जिला प्रशासन, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में ये बात कही। केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने लंबित मामलों के आवेदकों की परेशानियां भी सुनीं।
संयुक्त सचिव वामलुमाग ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अभियान के तहत विदेश से आए हिंदू अल्पसंख्यकों की एलटीवी व स्थायी भारतीय नागरिकता से जुड़ी समस्याओं के जल्द निपटारे की कवायद शुरू की है।
इसके तहत लखनऊ पहला ऐसा जिला है जहां लंबित मामलों की सुनवाई कर जल्द निपटारा किया जाएगा। जिलाधिकारी राज शेखर ने तय अवधि में मामलों के निपटारे में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।