'भारत, पाक के आतंकवाद से संघर्ष को अहमियत नहीं देता'
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भारत में पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित राजधानी आए तो थे व्यापार की संभावनाएं तलाशने, पर उन्होंने बगैर दोनों देशों में वार्ता के व्यापार की बात को बेमानी करार दिया। उन्होंने साफ कहा, जब तक भारत और पाकिस्तान के राजनेता आपस में वार्ता नहीं करते, ट्रेड की बात परवान नहीं चढ़ सकती। ट्रेड के लिए ‘नॉट टेरर बैरियर’ जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पाक के आतंकवाद से संघर्ष को कभी अहमियत नहीं देता।
दोनों देश के राजनेताओं के बीच पिछले एक साल से वार्ता नहीं हो पा रही है। ऐसा तब हो रहा है जब भारतीय प्रधानमंत्री के आमंत्रण पर पाक पीएम आ चुके हैं। बातचीत का माहौल बनता है और फिर किसी न किसी वजह से बिगड़ जाता है। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। इस हकीकत को समझने की जरूरत है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद जटिल बुनियाद पर बढ़ने हैं।
बासित सोमवार को यहां गोमतीनगर के एक होटल में फिक्की की ओर से आयोजित उद्यमियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत व पाकिस्तान के बीच भौगोलिक व ऐतिहासिक रूप से काफी जटिलताएं हैं। कई स्तर पर कुछ बंदिशें हैं। इन्हें हटाने की जरूरत है। यह समझने की जरूरत है कि दोनों ही देशों के लिए शांति बहुत जरूरी है।
बासित ने कहा कि इस माहौल में रातों-रात किसी समस्या का समाधान मुमकिन नहीं है लेकिन धीरे-धीरे दोनों देश सहयोग के साथ आगे बढ़ सकते हैं। राजनीतिक नेतृत्व के बीच बातचीत का उचित माहौल बनाने की जरूरत है।
आपको शिकायतें हैं तो हमें भी
बासित ने इस बात के लिए सूबे के कारोबारियों की तारीफ की कि इस कठिन हालात में भी उन्होंने बेहतर रिश्ते की उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यही सोच आगे बढ़ने में मददगार बनेगी। इसके पहले फिक्की के यूपी चेयरमैन ने एलके झुनझुनवाला व लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के एके माथुर आदि ने बासित का स्वागत किया।
दहशतगर्दी पर बोले-आपको शिकायतें हैं तो हमें भी
बासित ने कहा, भारत आतंकवाद से पीड़ित है और उसके लिए मुंबई अटैक बड़ा मुद्दा है तो पाकिस्तान ने भी पिछले 10 सालों में 50 हजार से ज्यादा सैनिक गंवाए हैं। 100 बिलियन डॉलर की बर्बादी झेली है। दहशतगर्दी बहुत बड़ा इश्यू है। आपके सामने चैलेंज हैं तो चैलेंज हमारे सामने भी है।
भारत को पाक से शिकायतें हैं तो हमें भी आपसे शिकायतें हैं। लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं कि पाकिस्तान कितनी मुश्किल हालात में आतंकवाद से लड़ रहा है। हमें इस बात की तकलीफ है कि भारत दहशतगर्दी के खिलाफ पाकिस्तान के संघर्ष को कभी अहमियत नहीं देता।
भारत-चीन बेशक बड़े देश, लेकिन पाक भी बड़ा
बासित ने कहा,आज कोई देश अकेले आगे नहीं बढ़ सकता। चीन और भारत बेशक बड़े देश हैं, लेकिन पाकिस्तान भी बड़ा देश है, यह मानना होगा। उन्होंने कहा कि चीन ने जिस फ्रेट कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान से हाथ मिलाया है उसका फायदा केवल इन्हीं दो देशों को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को होगा।
'पाकिस्तान छोटा भाई, पर बड़ा बनने की कोशिश करता है'
दहशतगर्दी पर : सूबे के कई उद्यमियों ने सवाल किए कि एक ओर से कारोबार की बात हो रही है दूसरी ओर बॉर्डर पर दहशतगर्दी पैदा की जा रही है। ये दोनों एक साथ कैसे चल सकते हैं? एक कारोबारी ने सवाल किया कि पाकिस्तान छोटा भाई है तो वह बड़ा भाई बनने की कोशिश क्यों करता है?
कारोबार पर: एक उद्यमी ने बताया कि वह पाकिस्तान से लेदर केमिकल का कारोबार कर रहा है, लेकिन यह कभी स्थायी नहीं रह पाता। पाक लेदर केमिकल चीन व कोरिया से मंगाता है जो काफी महंगा पड़ता है। यही जब भारत से लेते हैं तो आधे से भी कम कीमत पर, लेकिन जब तक रिश्ते नहीं सुधरेंगे, यह फायदा भी नहीं ले पा रहे।
...और बासित ने फरमाया-इश्क का खेल तो बराबर भी हो सकता है
उद्यमियों के सवालों का जवाब बासित ने इन पंक्तियों से दिया-‘क्या जरूरी है कि हम हार के जीतें ताबिश। इश्क का खेल तो बराबर भी हो सकता है।।’ उन्होंने कहा, मैं उद्यमियों के बीच तमाम सवालों का जवाब नहीं दे सकता। उचित स्थान पर इस पर बात की जाएगी।
एमएफएन के सवाल पर कहा-बेहद मुश्किल रिश्ते हैं
यूपी के उद्यमियों ने भारत के पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देने का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अब तक ऐसा नहीं किया। बासित ने कहा कि वे लोग लाख मुद्दों पर बात कर लें लेकिन जब तक दोनों देश के सियासी नुमाइंदे आपस में बात नहीं करेंगे, तब तक क्या होगा?
एक वर्ष से सीमा पर स्थिति ठीक नहीं है। टूरिज्म का वीजा तक जारी नहीं करते। बेहद मुश्किल रिश्ते हैं लेकिन मंजिल पाने के लिए प्रयास जारी है।
लखनऊ की मेहमाननवाजी बेजोड़
पाक उच्चायुक्त ने कहा कि वे लखनऊ की मेहमाननवाजी के कायल हो गए हैं। दो दिन की उनकी यात्रा में जिस तहजीब व गर्मजोशी से स्वागत किया गया, वे कभी नहीं भूल सकते।
युवा बेहतर बना सकते हैं माहौल
बासित ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने में युवा व सिविल सोसाइटी बेहतर भूमिका निभा सकती है। उद्यमियों के साथ संवाद उसी की एक कड़ी है। फिक्की की महिला उद्यमियों के संगठन की चर्चा करते हुए कहा कि वे पाक चैंबर से जुड़ी महिलाओं को इसी तरह की पहल करने को कहेंगे।
यूपी-पाक कारोबारी रिश्ते पर सीएम से करेंगे बात
बासित ने यूपी व पाकिस्तान के बीच किस तरह कारोबारी रिश्ते बढ़े, इस संबंध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में दोनों मिलकर काफी काम कर सकते हैं।
पाकिस्तान ने कृषि के क्षेत्र में शोध व विकास का बेहतर काम किया है। उन्होंने देश में मेक इन इंडिया मुहिम की तारीफ की। कहा कि इससे तमाम मल्टीनेशनल कंपनियां आकर्षित हुई हैं। एक समय था जब भारत पाकिस्तान से बिजली लेने की बात करता था, आज पाकिस्तान में बिजली की कमी चुनौती बनी हुई है।