बीएड स्टूडेंट्स को बड़ा मौका, जल्द होगा फैसला
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बीएड कर रहे स्टूडेंट्स को जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग की ओर से बड़ा तोहफा मिल सकता है। विभाग ऐसा प्रस्ताव तैयार कर रहा है जिससे कि बीएड स्टूडेंट्स को पेड इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।
शनिवार को यहां नवयुग कन्या महाविद्यालय के एक कार्यक्रम में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यदि प्रस्ताव पारित होता है तो स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिलेगी।
इसका एक फायदा यह भी होगा कि जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है वहां भी शिक्षण कार्य बेहतर होगा क्योंकि इंटर्नशिप के दौरान ये वह सभी जिम्मेदारी निभाएंगे जो कि एक शिक्षक की होती है।
मालूम हो कि वर्तमान में इंटर्नशिप के दौरान किसी तरह का भुगतान करने की व्यवस्था नहीं है।
16 हफ्ते की होगी इंटर्नशिप
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स ट्रेनिंग (एनसीटीई) ने 2015 से बीएड की पढ़ाई को दो साल का किया है। साथ ही इसके सिलेबस में भी बदलाव हुए हैं। लखनऊ विवि में डीन एजुकेशन प्रो. निधि बाला ने कहा कि जब बीएड एक साल का था तो उसमें केवल 40 लेसन की प्रैक्टिस टीचिंग होती थी, लेकिन दो साल के पाठ्यक्रम में 16 हफ्ते यानी करीब चार माह की इंटर्नशिप का हिस्सा भी शामिल किया गया है जिससे कि स्टूडेंट्स चीजों को प्रैक्टिकली सीखें और गुणवत्तापरक प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी पूरी हो।
इंटर्नशिप का पार्ट सेकंड ईयर के कोर्स में शामिल है। यदि शासन पेड इंटर्नशिप की व्यवस्था इसी वर्ष लागू कर देती है तो दो वर्षीय बीएड के पहले बैच के स्टूडेंट्स को भी इसका लाभ मिल जाएगा।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश निकालकर यह भी निर्देश दिए जाएंगे कि कॉलेज इंटर्नशिप करने में बीएड स्टूडेंट्स को पूरा सहयोग करें।
10 दिन में आयोग के गठन की तैयारी
सूबे के बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुए 17 दिन से अधिक हो चुके हैं। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अनुदानित कॉलेजों में कैसे प्रवेश लिए जाएंगे।
इसका कारण है कि दो वर्षीय बीएड के लिए एनसीटीई ने नए मानक निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार कॉलेज में 50-50 स्टूडेंट्स के एक सेक्शन पर सात-सात शिक्षक होने चाहिए। लेकिन किसी भी कॉलेज में यह मानक पूरे नहीं है।
स्ववित्तपोषित कॉलेज तो अपने मानक खुद पूरे कर भी सकते हैं, लेकिन अनुदानित कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से की जाती है।
जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि सूबे में आयोग के सदस्य ही पूरे नहीं। जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रयास है कि 10 दिन में आयोग का गठन कर लिया जाएगा, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया होगी।
कॉलेज ने कहा आगामी सत्र में कैसे होगा प्रवेश
नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या नीरजा गुप्ता ने जितेंद्र कुमार को बताया कि उनके यहां बीएड में 80 सीटें हैं। जबकि विभाग में स्वीकृत शिक्षकों के नौ में से पांच रिक्त हैं।
दो वर्षीय बीएड होने के बाद पहले वर्ष तो कॉलेज ने पढ़ाई करा ली लेकिन आगामी सत्र में वह इतने शिक्षकों की स्थिति में प्रवेश लेने में असमर्थ है।
इस पर जितेंद्र कुमार ने प्राचार्या से कहा कि वह अपनी लिखित शिकायत दें जिससे कि समाधान पर कार्यवाही हो सके।
मालूम हो कि यह समस्या केवल नवयुग कॉलेज नहीं बल्कि सूबे के 112 अनुदानित कॉलेजों की है जहां आगामी सत्र में बीएड की 1100 सीटों पर प्रवेश का संकट है।