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सुप्रीम कोर्ट में शिक्षामित्रों का केस लड़ेंगे पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम

Thu, 03 Dec 2015 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 Dec 2015 09:49 PM IST
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P Chidambaram to put shikshamitra favour in Supreme Court.

शिक्षामित्रों के समायोजन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष पूर्व वित्तमंत्री और अधिवक्ता पी. चिदंबरम रखेंगे, जिसकी सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।

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इसके अलावा, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने जाने-माने अधिवक्ता कपिल सिब्बल के पुत्र अमित सिब्बल और पराग त्रिपाठी को भी अपना अधिवक्ता बनाया है। वहीं, राज्य सरकार भी अपना अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए किसी बड़े नाम की तलाश में है।
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राज्य में शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार, शिक्षामित्र संघ और कई शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग विशेष अनुज्ञा याचिकाएं  (एसएलपी) दायर की हैं।
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पहले इन पर सुनवाई 4 दिसंबर को होने की उम्मीद थी, लेकिन एसएलपी के मसौदे में थोड़ी खामी मिलने के कारण इसे दुरुस्त करने के लिए समय दिया गया है। अब 7 दिसंबर को सुनवाई होगी।

इस बाबत प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से एसएलपी दायर करने वाले उसके महामंत्री पुनीत चौधरी को मैसेज भी भेज दिया गया है।

राज्य सरकार भी तय कर देगी अपना वकील

P Chidambaram to put shikshamitra favour in Supreme Court.

प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने बताया संगठन की ओर से पी. चिदंबरम के अलावा पराग त्रिपाठी, अमित सिब्बल और रंगीता रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में शिक्षामित्रों का पक्ष रखेंगे।

बकौल गाजी  इन सभी अधिवक्ताओं को पूरे केस की ब्रीफिंग कर दी गई है। शासन के सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार भी केस लड़ने के लिए एक-दो दिन में अपना वकील तय कर लेगी। उधर, शिक्षामित्रों के विरोधी पक्ष को भी सात दिसंबर को ही सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा।

राज्यपाल ने पीएम को भेजा शिक्षामित्रों का ज्ञापन
राज्यपाल राम नाईक ने शिक्षामित्रों के समायोजन में नियमों में ढील देने संबंधी ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। ज्ञापन के साथ लगाए गए कवरिंग लेटर में राज्यपाल ने कहा है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था।

इसमें समायोजन में एनसीटीई द्वारा अन्य राज्यों की भांति न्यूनतम अर्हता में छूट दिलाने का अनुरोध किया गया है।

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