गांवों में घर-घर जाकर चेक किया जाए लोगों का ऑक्सीजन लेवल : योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कंटेनमेंट जोन में डोर स्टेप डिलीवरी यानी घर-घर जरूरत का सामान पहुंचाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कंटेनमेंट जोन में डोर स्टेप डिलीवरी यानी घर-घर जरूरत का सामान पहुंचाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए प्रत्येक जिले में जिला महिला चिकित्सालय को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जरूरी निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से गांवों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेशव्यापी वृहद टेस्टिंग अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत निगरानी समितियों के माध्यम से घर-घर स्क्रीनिंग की जाए। लोगों के तापमान और ऑक्सीजन लेवल को चेक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘108’ एंबुलेंस सेवा की 75 प्रतिशत एंबुलेंस का संचालन कोविड कार्य के लिए किया जाए। शेष 25 प्रतिशत एंबुलेंस को नॉन-कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखा जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि भारत सरकार ने 37 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव अनुमोदित कर दिए गए हैं।
यूपी सरकार का कोरोना के खिलाफ पांच दिवसीय गांव-गांव विशेष ट्रेसिंग अभियान शुरू
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बुधवार से गांवों में कोरोना से निपटने के लिए विशेष ट्रेसिंग अभियान की शुरुआत हो गई है। यूपी सरकार के कोरोना के खिलाफ चल रहे इस महायुद्ध में सुबह से ही निगरानी समिति के सदस्य और रैपिड रेस्पांस टीमें मैदान पर उतरने लग गईं। यह टीमें 97 हजार राजस्व गांवों में पहुंचकर सबसे पहले घर-घर दस्तक देंगी और यूपी सरकार की ओर से शुरू किये गये विशेष अभियान को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। अभियान रविवार नौ मई तक चलाया जाएगा।
पांच दिवसीय अभियान का उद्देश्य गांव-गांव में कोरोना के लक्षणयुक्त लोगों की पहचान करना और उनको तत्काल इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराना है। इसके लिये निगरानी समिति के सदस्य और रैपिड रेस्पांस टीमों को कोरोना के खिलाफ गांव-गांव में लड़ाई को जीतने के लिये हथियार के रूप में मेडिसिन किट, एन्टीजन टेस्ट किट दी गई हैं। विशेष ट्रेसिंग अभियान के दौरान टीमें पल्स आक्सीमीटर व अन्य जांच करके ग्रामीणों का स्वास्थ्य हाल जानेंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य शहरों के साथ ही गांव में रहने वाले लोगों को खुशहाल और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। उन्होंने महामारी के इस दौर में शुरुआत से ही गांव में विशेष सफाई अभियान चला रखा है। ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव से लेकर गांवों में पहली बार बड़ी संख्या में फॉगिंग और सेनिटाइजेशन का काम किया गया। पिछली सरकारों ने जिन ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ मुड़कर कभी नहीं देखा योगी सरकार ने आते ही सबसे पहले प्रदेश के ऐसे वनवासी क्षेत्रों के गांवों, राजस्व ग्रामों के लोगों को सभी मूलभूत और जरूरी सुविधाएं दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है।
गांव में कोरोना को हराने की लड़ाई में जुटी योगी सरकार
योगी सरकार ने कोरोना को जड़ से समाप्त करने के लिये आज से गांव-गांव विशेष अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पांच मई से रविवार नौ मई तक प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए। गांव में रहने वाले लोगों का हाल जानने के लिये घर-घर जाकर सम्पर्क किया जाए। निगरानी समिति की टीमें और रैपिड रेस्पांस टीम लक्षणयुक्त लोगों का एन्टीजन टेस्ट करें। लक्षण पाए जाने वाले लोगों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराकर इलाज की सुविधा प्रदान की जाए। इस कार्य के लिये निगरानी समितियों के पास 10 लाख मेडिसिन न जब किट और आर.आर. टीम के पास 10 लाख एन्टीजन किट उपलब्ध कराई गई है।