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Lucknow News: केजीएमयू में बढ़ी मरीजों की भीड़, दो घंटे में भी नहीं बना पर्चा, सैकड़ों लौटे निराश
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लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का निर्देश है कि अस्पतालों में मरीज को पर्चा बनवाने के लिए आधे घंटे से ज्यादा लाइन में न लगना पड़े। इसके ठीक विपरीत केजीएमयू में मरीजों को पंजीकरण कराने के लिए दो-दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है। होली के बाद बढ़ी मरीजों की संख्या और सभी काउंटर न चलने से इस समय रोजाना 500 से ज्यादा मरीज पर्चा न बनवा पाने की वजह से वापस हो रहे हैं।
केजीएमयू में पिछले एक साल से रोजाना औसतन पांच हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। होली के बाद विशेषकर इस सप्ताह सोमवार से मरीजों की संख्या बढ़कर औसतन छह हजार से ज्यादा पहुंच गई है। जिस हिसाब से मरीजों की संख्या ओपीडी पहुंच रही है उस हिसाब से पंजीकरण के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसलिए पर्चा बनने में काफी देर हो रही है। पर्चा बनने में देरी होने की वजह से बुधवार को भी संस्थान में ओपीडी के पंजीकरण हॉल में कदम रखने तक की जगह नहीं बची। बताया जा रहा है कि ओपीडी में कुल 20 काउंटर हैं, लेकिन इनमें से कई काउंटर संचालित नहीं हो रहे हैं। इस समय बढ़ी हुई भीड़ को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम भी नहीं किए। इससे हालात बेहद खराब हो गए। जो मरीज सुबह नौ बजे पहुंच गए उनके पर्चे तो जैसे-तैसे दो घंटे बाद बन गए, लेकिन 11 बजे के बाद पहुंचे मरीजों का पर्चा नहीं बन सका और उनको वापस लौटना पड़ा।
रेजीडेंट से भिड़ा तीमारदार, हुई मारपीट
केजीएमयू के ईएनटी विभाग की ओपीडी में बुधवार को एक तीमारदार की डॉक्टर और कर्मचारियों से मारपीट हो गई। इसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं। घटना की वजह से ओपीडी में अव्यवस्था फैल गई और मरीजों को डॉक्टरी परामर्श के लिए परेशान होना पड़ा। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों को शांत कराया गया। इस घटना में अनूप कनौजिया नाम के वार्ड ब्वाॅय के कपड़े फट गए। उसने एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
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मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ईएनटी विभाग की ओपीडी में बुधवार को डॉक्टर मरीजों को नम्बर से देख रहे थे। इस दौरान पीएसी 35 बटालियन में तैनात एक कर्मी अपने बेटे को दिखाने के लिए आए। ओपीडी में उनके बेटे के परीक्षण के दौरान किसी बात पर नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा।
मरीज बढ़ने से दिक्कत
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि ओपीडी में पर्याप्त संख्या में काउंटर का संचालन हो रहा है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से पर्चे बनने में कुछ ज्यादा समय लग रहा है। समस्या दूर करने के विकल्पों पर मंथन किया जा रहा है। ओपीडी में आपसी नोकझोंक का मामला सामने आया है। पीड़ित की ओर से पुलिस से शिकायत की गई है।
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केजीएमयू में पिछले एक साल से रोजाना औसतन पांच हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। होली के बाद विशेषकर इस सप्ताह सोमवार से मरीजों की संख्या बढ़कर औसतन छह हजार से ज्यादा पहुंच गई है। जिस हिसाब से मरीजों की संख्या ओपीडी पहुंच रही है उस हिसाब से पंजीकरण के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसलिए पर्चा बनने में काफी देर हो रही है। पर्चा बनने में देरी होने की वजह से बुधवार को भी संस्थान में ओपीडी के पंजीकरण हॉल में कदम रखने तक की जगह नहीं बची। बताया जा रहा है कि ओपीडी में कुल 20 काउंटर हैं, लेकिन इनमें से कई काउंटर संचालित नहीं हो रहे हैं। इस समय बढ़ी हुई भीड़ को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम भी नहीं किए। इससे हालात बेहद खराब हो गए। जो मरीज सुबह नौ बजे पहुंच गए उनके पर्चे तो जैसे-तैसे दो घंटे बाद बन गए, लेकिन 11 बजे के बाद पहुंचे मरीजों का पर्चा नहीं बन सका और उनको वापस लौटना पड़ा।
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रेजीडेंट से भिड़ा तीमारदार, हुई मारपीट
केजीएमयू के ईएनटी विभाग की ओपीडी में बुधवार को एक तीमारदार की डॉक्टर और कर्मचारियों से मारपीट हो गई। इसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं। घटना की वजह से ओपीडी में अव्यवस्था फैल गई और मरीजों को डॉक्टरी परामर्श के लिए परेशान होना पड़ा। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों को शांत कराया गया। इस घटना में अनूप कनौजिया नाम के वार्ड ब्वाॅय के कपड़े फट गए। उसने एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
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मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ईएनटी विभाग की ओपीडी में बुधवार को डॉक्टर मरीजों को नम्बर से देख रहे थे। इस दौरान पीएसी 35 बटालियन में तैनात एक कर्मी अपने बेटे को दिखाने के लिए आए। ओपीडी में उनके बेटे के परीक्षण के दौरान किसी बात पर नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा।
मरीज बढ़ने से दिक्कत
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि ओपीडी में पर्याप्त संख्या में काउंटर का संचालन हो रहा है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से पर्चे बनने में कुछ ज्यादा समय लग रहा है। समस्या दूर करने के विकल्पों पर मंथन किया जा रहा है। ओपीडी में आपसी नोकझोंक का मामला सामने आया है। पीड़ित की ओर से पुलिस से शिकायत की गई है।