केजीएमयू का मामलाः न्यूरो सर्जरी की ओटी में महिला कर्मी से छेड़खानी, शिकायत पर नौकरी से हटाया
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इस मामले को लेकर संविदाकर्मियों और नियमित कर्मचारियों के बीच लकीर खिंच गई है। दोनों एक-दूसरे का विरोध करने लगे हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में महिला कर्मचारी ने बताया है कि वह केजीएमयू में कार्यरत निजी कंपनी के जरिए ओटी सहायक के पद पर कार्यरत थी।
कई दिनों से यहां कार्यरत ओटी टेक्नीशियन उसके साथ अभद्रता कर रहा था। आरोप है कि टेक्नीशियन उसे नियमित कराने का झांसा देकर अकेले में बुलाता था। सोमवार दोपहर भी उसने अभद्रता की तो महिला कर्मचारी ने विरोध किया। इस पर उसने महिला कर्मचारी की पिटाई कर दी।
उसके साथ दो अन्य नियमित कर्मचारियों ने भी पीटा। इस दौरान महिला कर्मचारी ने शोर मचाया तो अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हालांकि मंगलवार को आरोप लगाने वाली उस महिला कर्मचारी को हटा दिया गया। जिस कंपनी के तहत वह कार्यरत थी, उसके सुपरवाइजर ने बुलाया और केजीएमयू प्रशासन का फैसले से उसे अवगत कराते हुए उसे हटाने का फरमान सुनाया।
संविदा व नियमित कर्मी आमने-सामने
इस मामले को लेकर संविदा व नियमित कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। संविदाकर्मी लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि नियमित कर्मचारी आए दिन संविदाकर्मियों का उत्पीड़न करते हैं। शिकायत के बाद भी केजीएमयू प्रशासन नियमित कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है।
संविदा कर्मियों को हटाकर पूरे मामले पर पर्दा डाल दिया जाता है। केजीएमयू में आए दिन महिलाओं से छेड़खानी के मामले सामने आ रहे हैं। केजीएमयू प्रशासन इस पर जांच बैठाता है और कुछ दिन बाद मामला रफा-रफा हो जाता है।
अभद्रता के संबंध में नहीं मिला कोई पत्र
न्यूरो सर्जरी विभाग में मारपीट, अभद्रता के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां तक संविदाकर्मी को हटाने का सवाल है तो यह अधिकार उसे नियुक्त करने वाली एजेंसी का है। केजीएमयू आउटसोसिंग में किसी भी कर्मचारी को नाम से नहीं लेता बल्कि संख्या केअनुसार प्राप्त करता है। - प्रो. संतोष कुमार, मीडिया प्रभारी