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ZOO: दर्शकों के चहेते अमा शुतुरमुर्ग की मौत

Mon, 24 Nov 2014 03:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 24 Nov 2014 03:32 PM IST
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Ostrich dead in lucknow zoo.

टीबी के संक्रमण से बीमार चल रहे नर शुतुरमुर्ग अमा ने लखनऊ जू में शनिवार तड़के दम तोड़ दिया। अमा ने एक हफ्ते से खाना छोड़ रखा था, उसे ग्लूकोज दिया जा रहा था।

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डॉक्टरों ने शनिवार दोपहर ही उसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार भी कर दिया। पर, स्टार वन्यजीव की इस मौत पर जू प्रशासन ने रविवार शाम तक चुप्पी साधे रखी।

बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संक्रमण के चलते कमजोरी को मौत को मुख्य कारण माना गया है। इससे पहले कानपुर जू में भी लाए गए दो शुतुरमुर्ग संक्रमण के चलते खत्म हो चुके हैं।
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जुलाई में जू प्रशासन ने दक्षिण से चार शुतुरमुर्ग लाए। इनमें त्रिवेंद्रम जू से एक्सचेंज के तहत एक जोड़ी शुतुरमुर्ग शूतान-सुहारा को मंगाया। इन्होंने मछली घर के बाड़े के पास रखा गया।
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वहीं चेन्नई के तनुवास केंद्र से जू प्रशासन ने दो युवा शुतुरमुर्ग अमा-चेरी मंगवाए। इन्हें भारी भरकम हाथी बाड़े के प्राकृतवास में रखा गया।

चेन्नई से आया था अमा

Ostrich dead in lucknow zoo.

इसी बीच अमा जबर्दस्त टीबी संक्रमण की चपेट में आ गया। उसने बीते करीब एक हफ्ते से अपनी खुराक भी छोड़ रखी थी। उसे जू के डॉक्टरों की निगरानी में ग्लूकोज दिया जा रहा था।

एहतियात के तौर पर उसे बुधवार को चेरी से अलग भी कर दिया गया था। जू प्रशासन का दावा-चेन्नई से ही संक्रमण था। अमा को विशेष प्लान के तहत चार दशक बाद चार शुतुरमुर्ग लखनऊ जू लाए गए।

अमा और चेरी को तो चेन्नई के एक अनुसंधान फार्म से भारी भरकम कीमत चुका कर लाया गया था। जू प्रशासन का कहना है कि लखनऊ आने के बाद से ही अमा असहज लग रहा था।

खाना छोड़ने पर चिकित्सकों न जब जांच की तो उसमें टीबी के लक्षण पाए गए थे। तबीयत बिगड़ने पर पहले तो उसे अंडा दिया जा रहा था, उसके बाद मुर्गियों का दाना दिया गया।

भारी पड़ी विशेषज्ञ डॉक्टर की गैर मौजूदगी

Ostrich dead in lucknow zoo.

फलों की खुराक छोड़ने के बाद उसे ग्लूकोज दिया जा रहा था। प्रशासन का दावा है कि ये संक्रमण वो चेन्नई से ही साथ लाया था।

एक क्विंटल से भी अधिक वजनी और लगभग 7 फीट ऊंचे शुतुरमुर्ग की बीमारी से जू के विशेषज्ञ वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष की गैर मौजूदगी जू प्रशासन पर भारी पड़ी।

वे करीब एक पखवाड़े से प्रदेश के कई जनपदों में भटक रहे बाघ के रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हैं। बहरहाल पोस्टमार्टम के बाद लिए गए नमूनों को रविवार को आईवीआरआई बरेली जांच के लिए भेजा गया है।

दिन भर जू पहुंचे दर्शक उसके बाड़े में चेरी के जोड़ीदार को खोजते फिरते रहे। लेकिन नर के न दिखने पर वे मायूस हुए। वहां तैनात स्टाफ ने बताया कि वो बीमार है और उसका इलाज जारी है।

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