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आर्थ्रोस्कोपी के जरिए चुटहिल हड्डी का इलाज आसान
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ऑर्थोस्कोपी के जरिये चुटहिल हड्डी का इलाज बेहतर
दो दिन के आर्थ्रोस्कोपी कॉन्क्लेव में होगी 12 मरीजों की सर्जरी
घुटने और कंधे के चोट, लिगामेंट के फटने, धंधे के बार-बार उतरने की समस्या का ऑर्थोस्कोपी के जरिये समाधान किया जा सकता है। ऑर्थोस्कोपी में दूरबीन विधि से चुटहिल स्थल की सर्जरी की जाती है। इसमें मामूली चीरा लगता है। दूसरे दिन मरीज चलने-फिरने लगता है। यह कहना है आर्थोस्कोपी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के सचिव एवं केजीएमयू स्पोर्ट्स मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष क ुमार का।
प्रो. आशीष ने बताया कि 10 एवं 11 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में कॉन्क्लेव 2019 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर के नामचीन आर्थो सर्जन हिस्सा लेंगे। वे दूरबिन विधि से लाइव सर्जरी करेंगे। इसके लिए 12 मरीजों का चयन किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनीत शर्मा ने बताया कि कांक्लेव में करीब 200 सर्जन प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान एसोसिएशन की ओर से दो फेलोशिप भी दी जाएगी। एसोसिएशन से करीब 75 सर्जन जुड़े हुए हैं। यह प्रशिक्षण 15 दिन का होगा।
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दो दिन के आर्थ्रोस्कोपी कॉन्क्लेव में होगी 12 मरीजों की सर्जरी
घुटने और कंधे के चोट, लिगामेंट के फटने, धंधे के बार-बार उतरने की समस्या का ऑर्थोस्कोपी के जरिये समाधान किया जा सकता है। ऑर्थोस्कोपी में दूरबीन विधि से चुटहिल स्थल की सर्जरी की जाती है। इसमें मामूली चीरा लगता है। दूसरे दिन मरीज चलने-फिरने लगता है। यह कहना है आर्थोस्कोपी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के सचिव एवं केजीएमयू स्पोर्ट्स मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष क ुमार का।
प्रो. आशीष ने बताया कि 10 एवं 11 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में कॉन्क्लेव 2019 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर के नामचीन आर्थो सर्जन हिस्सा लेंगे। वे दूरबिन विधि से लाइव सर्जरी करेंगे। इसके लिए 12 मरीजों का चयन किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनीत शर्मा ने बताया कि कांक्लेव में करीब 200 सर्जन प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान एसोसिएशन की ओर से दो फेलोशिप भी दी जाएगी। एसोसिएशन से करीब 75 सर्जन जुड़े हुए हैं। यह प्रशिक्षण 15 दिन का होगा।
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