लखनऊ। महिला व नवजात के इलाज में लापरवाही बरतने वाले इटौंजा के जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल को बंद करने की सुध स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को घटना के डेढ़ माह बाद आ गई है। बृहस्पतिवार को इसका आदेश जारी कर दिया गया।
इटौंजा के ग्राम पंचायत नरोसा निवासी रिंकू ने पत्नी सोनम यादव को आशा बहू के माध्यम से प्रसव के लिए जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सिजेरियन ऑपरेशन में लापरवाही से सोनम व उसके बच्चे की हालत बिगड़ी तो अस्पताल संचालक ने दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था।
रिंकू ने इंटौजा जच्चा-बच्चा अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सीएचसी की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच करने के बाद रिपोर्ट भेजी था। संचालक पहले भाग चुका था। घटना के डेढ़ माह बाद अब सीएमओ ऑफिस की ओर से अस्पताल को बंद करने का आदेश जारी हुआ है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि जांच के दौरान अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला था।