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Lucknow News: डॉक्टरों के लिए आदेश बना मजाक, मरीजों को लिखी प्रतिबंंधित दवाएं
Tue, 06 Jun 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:46 PM IST
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रायबरेली। शासन के आदेश पर जिले में करीब 80 करोड़ कीमत की सिरप और दवाओं की बिक्री और आपूर्ति पर रोक जरूर लगा दी गई है, लेकिन मंगलवार को पहले दिन ही यह आदेश तार-तार हो गया। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने मरीजों को प्रतिबंधित दवाएं लिखी। ऐेसे में मेडिकल स्टोरों पर मरीजों की लाइनें लगी रही। सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की ओर से लिखी गई प्रतिबंधित दवाओं की पर्चियां वायरल हुईं।
शासन ने 14 दवाओं व सिरप को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। कांबीनेशन वाली इन दवाओं से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने के कारण शासन ने यह निर्णय लिया गया है। रोक के बाद भी करीब 80 करोड़ कीमत की प्रतिबंधित दवाएं जिले की एजेंसियों व मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं। रोक लगने के बाद भी जिले में दवाओं की बिक्री होती रही। खासकर जिला अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टरों ने प्रतिबंधित दवाएं मरीजों को लिखी। वहीं जिला अस्पताल में दवा पाने के लिए रोगियों को लाइन में लगकर घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
अचानक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दिए जाने से मेडिकल स्टोर संचालकों पर नाराजगी दिखी। उनका कहना था कि लाखों की दवाएं मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं। अब दवाएं कम पैसे में वापस करनी पड़ेंगी। इससे नुकसान उठाना था। शासन को संचालकोंं को कुछ समय देना था। इसके बाद दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए थी। कार्रवाई के डर से मेडिकल स्टोर संचालकों ने चोरी छिपे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की।
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शासन ने कई सॉल्ट से बनी 14 तरह की कांबीनेशन वाली दवाओं को प्रतिबंधित किया है। इसमें निमोप्लाइड व पैरासीटीमॉल डिस्पर्सिबल टैबलेट, एमॉक्सीलन व ब्रोम्हेक्सिन, फोल्कोडीन व प्रोमेथाजीन, क्लोफेनेमिल व डेक्सोमेंथोर्फिन, क्लोरोफनेमिल व कोडीन, अमोनियम क्लोराइड व ब्रोम्हेक्सिन, ब्रोम्हेक्सिन व डेक्सोमेथोर्फिन, पैरासीटामॉल व प्रोम्हेक्सिन, सल्बूटालॉल व ब्रोम्हेक्सिन, क्लोर्फेनिमाइन व कोडीन फास्फोरेट, फेनीटॉन व फेनोबाबटोन, अमोनियम क्लोराइड व सोडियम साइट्रेट, सल्बूटामॉल व हईड्रोऑक्सेथिल थियोफाइलिन की कंबीनेशन वाली सभी प्रकार की दवाओं की बिक्री और आपूर्ति को प्रतिबंधित किया गया है।
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शासन ने 14 दवाओं व सिरप को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। कांबीनेशन वाली इन दवाओं से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने के कारण शासन ने यह निर्णय लिया गया है। रोक के बाद भी करीब 80 करोड़ कीमत की प्रतिबंधित दवाएं जिले की एजेंसियों व मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं। रोक लगने के बाद भी जिले में दवाओं की बिक्री होती रही। खासकर जिला अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टरों ने प्रतिबंधित दवाएं मरीजों को लिखी। वहीं जिला अस्पताल में दवा पाने के लिए रोगियों को लाइन में लगकर घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
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अचानक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दिए जाने से मेडिकल स्टोर संचालकों पर नाराजगी दिखी। उनका कहना था कि लाखों की दवाएं मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं। अब दवाएं कम पैसे में वापस करनी पड़ेंगी। इससे नुकसान उठाना था। शासन को संचालकोंं को कुछ समय देना था। इसके बाद दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए थी। कार्रवाई के डर से मेडिकल स्टोर संचालकों ने चोरी छिपे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की।
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शासन ने कई सॉल्ट से बनी 14 तरह की कांबीनेशन वाली दवाओं को प्रतिबंधित किया है। इसमें निमोप्लाइड व पैरासीटीमॉल डिस्पर्सिबल टैबलेट, एमॉक्सीलन व ब्रोम्हेक्सिन, फोल्कोडीन व प्रोमेथाजीन, क्लोफेनेमिल व डेक्सोमेंथोर्फिन, क्लोरोफनेमिल व कोडीन, अमोनियम क्लोराइड व ब्रोम्हेक्सिन, ब्रोम्हेक्सिन व डेक्सोमेथोर्फिन, पैरासीटामॉल व प्रोम्हेक्सिन, सल्बूटालॉल व ब्रोम्हेक्सिन, क्लोर्फेनिमाइन व कोडीन फास्फोरेट, फेनीटॉन व फेनोबाबटोन, अमोनियम क्लोराइड व सोडियम साइट्रेट, सल्बूटामॉल व हईड्रोऑक्सेथिल थियोफाइलिन की कंबीनेशन वाली सभी प्रकार की दवाओं की बिक्री और आपूर्ति को प्रतिबंधित किया गया है।