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Lucknow News: गोलागंज के एसए अपार्टमेंट को 15 दिन में गिराने का आदेश
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एसए अपार्टमेंट।
लखनऊ। गोलागंज के बारूदखाना इलाके में स्थित एसए अपार्टमेंट को ध्वस्त करने का आदेश एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने शुक्रवार को जारी कर दिया। बिल्डर को 15 दिन के भीतर इमारत खुद गिरानी होगी। ऐसा नहीं करने पर एलडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
करीब एक महीने पहले एसए अपार्टमेंट का एक पिलर टूट गया था। इसके बाद इमारत में रहने वाले लोग परिवार समेत बाहर निकल आए थे। एहतियातन अपार्टमेंट के 50 मीटर के दायरे को सील कर आसपास की दूसरी इमारतों को भी खाली कराया गया था। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
घटना के बाद 29 सितंबर को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा था कि अपार्टमेंट का नक्शा पास होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब थी और इमारत सुरक्षित नहीं थी। ऐसे में पूरे अपार्टमेंट को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बिल्डर को 15 दिन का नोटिस जारी करने की जानकारी दी थी। अब विहित प्राधिकारी कोर्ट में सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया गया है।
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सेफ्टी ऑडिट में रहने लायक नहीं मिली इमारत
पिलर टूटने के बाद एलडीए ने इमारत को जैक लगाकर सहारा दिया था, ताकि निवासी अपना सामान निकाल सकें। इसके बाद विशेषज्ञ टीम से सेफ्टी ऑडिट कराया गया। जांच में इमारत की स्थिति रहने के लिहाज से असुरक्षित पाई गई। विशेषज्ञों ने इसे पूरी तरह ध्वस्त करने को ही सुरक्षित विकल्प माना।
जांच में यह भी सामने आया कि अपार्टमेंट का नक्शा तीन मंजिल का स्वीकृत था, जबकि मौके पर छह मंजिल का निर्माण किया गया था। इस अनधिकृत निर्माण को लेकर एलडीए पहले भी ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर चुका था। पिलर टूटने की घटना के बाद पूरी इमारत को गिराने के लिए नए सिरे से नोटिस जारी किया गया।
मरम्मत का प्रस्ताव एलडीए ने ठुकराया
नोटिस मिलने के बाद बिल्डर ने आवंटियों के साथ मिलकर मरम्मत का खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, एलडीए ने इसे स्वीकार नहीं किया। सेफ्टी ऑडिट में इमारत के असुरक्षित पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
फ्लैट मालिकों को एलडीए नहीं मानेगा विस्थापित
अपार्टमेंट तोड़े जाने से जो फ्लैट मालिक बेघर होंगे, उन्हें एलडीए विस्थापित नहीं मानेगा। इसलिए किसी तरह का आवास या फ्लैट नहीं दिया जाएगा। फ्लैट मालिक बिल्डर से ही इसकी मांग कर सकते हैं।
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करीब एक महीने पहले एसए अपार्टमेंट का एक पिलर टूट गया था। इसके बाद इमारत में रहने वाले लोग परिवार समेत बाहर निकल आए थे। एहतियातन अपार्टमेंट के 50 मीटर के दायरे को सील कर आसपास की दूसरी इमारतों को भी खाली कराया गया था। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
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घटना के बाद 29 सितंबर को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा था कि अपार्टमेंट का नक्शा पास होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब थी और इमारत सुरक्षित नहीं थी। ऐसे में पूरे अपार्टमेंट को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बिल्डर को 15 दिन का नोटिस जारी करने की जानकारी दी थी। अब विहित प्राधिकारी कोर्ट में सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया गया है।
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सेफ्टी ऑडिट में रहने लायक नहीं मिली इमारत
पिलर टूटने के बाद एलडीए ने इमारत को जैक लगाकर सहारा दिया था, ताकि निवासी अपना सामान निकाल सकें। इसके बाद विशेषज्ञ टीम से सेफ्टी ऑडिट कराया गया। जांच में इमारत की स्थिति रहने के लिहाज से असुरक्षित पाई गई। विशेषज्ञों ने इसे पूरी तरह ध्वस्त करने को ही सुरक्षित विकल्प माना।
जांच में यह भी सामने आया कि अपार्टमेंट का नक्शा तीन मंजिल का स्वीकृत था, जबकि मौके पर छह मंजिल का निर्माण किया गया था। इस अनधिकृत निर्माण को लेकर एलडीए पहले भी ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर चुका था। पिलर टूटने की घटना के बाद पूरी इमारत को गिराने के लिए नए सिरे से नोटिस जारी किया गया।
मरम्मत का प्रस्ताव एलडीए ने ठुकराया
नोटिस मिलने के बाद बिल्डर ने आवंटियों के साथ मिलकर मरम्मत का खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, एलडीए ने इसे स्वीकार नहीं किया। सेफ्टी ऑडिट में इमारत के असुरक्षित पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
फ्लैट मालिकों को एलडीए नहीं मानेगा विस्थापित
अपार्टमेंट तोड़े जाने से जो फ्लैट मालिक बेघर होंगे, उन्हें एलडीए विस्थापित नहीं मानेगा। इसलिए किसी तरह का आवास या फ्लैट नहीं दिया जाएगा। फ्लैट मालिक बिल्डर से ही इसकी मांग कर सकते हैं।

एसए अपार्टमेंट।

एसए अपार्टमेंट।

एसए अपार्टमेंट।

एसए अपार्टमेंट।