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PETN मामले पर सरकार और विपक्ष में तीखी बहस, सीएम ने दी मर्यादा में बोलने की नसीहत

Tue, 19 Dec 2017 09:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Dec 2017 09:15 PM IST
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opposition blame on the government for PETN issue raised in Vidhan sabha
सीएम योगी

विधानसभा में संदिग्ध पाउडर को पीईटीएन बताने के मुद्दे पर विपक्ष और सरकार में मंगलवार को तीखी बहस हुई।

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नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने अध्यक्ष से कहा कि विधानसभा में लकड़ी को चमकाने वाले सामान्य पाउडर को खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन बताने पर नेता सदन को बुलाकर कटघरे में खड़ा किया जाए। उन्होंने सदन की अवमानना और सदस्यों के विशेषाधिकार का हनन किया है।

इस पर जवाब देते हुए सीएम ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्ष को सुरक्षा के मुददे पर राजनीति न करने और व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने की सलाह दी। कहा कि किसी व्यक्ति का सम्मान सदन और 404 विधायकों से बड़ा नहीं हो सकता।
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संसद के बाद यूपी और जम्मू कश्मीर की विधानसभा सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि उन्हें जब संदिग्ध पाउडर मिलने की सूचना मिली तो सर्वदलीय नेताओं से चर्चा करके जवाब दिया था।
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हमने संदिग्ध पाउडर को पीईटीएन बताने वाले एफएसएल निदेशक को बर्खास्त कर दिया लेकिन उसे डायरेक्टर बनाया किसने था ? उन्होंने कहा, विस्फोट किसी का इंतजार नहीं करता।

हमाम में सब नंगे

विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को सुनने की आदत भी होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को सदन की मर्यादा के अनुरूप बोलना चाहिए। विपक्ष दो दिन से असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहा है। विपक्षी व्यक्तिगत टिप्पणी कर रही है। ऐसा नहीं करें नहीं तो हमाम में सब नंगे जैसे हालात हो जाएंगे। विपक्ष में सही तथ्यों को स्वीकार करने की क्षमता होनी चाहिए। राजनीति के बहुत मुद्दे हैं, सुरक्षा पर राजनीति मत कीजिए। सदन में संदिग्ध पाउडर मिलने का मामला दलीय बैठक में उठाया जा सकता था।

आप कुछ भी बोले, सत्ता पक्ष चुप रहे यह बहुत मुश्किल

सीएम ने कहा, यह लोकतंत्र है, आप बोलने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन बोलने की भी एक सीमा होती है। आप सोचते हैं कि विपक्ष कुछ भी बोले और सत्ता पक्ष कुछ ना बोले, यह ज्यादा वक्त तक संभव नहीं है। एक साथ सबको चलना पड़ेगा। यह नहीं होगा कि आप कुछ भी बोले और सत्ता पक्ष के सदस्य चुप रहे। दलीय बैठक में विपक्ष कुछ और कहता है और सदन में आचरण कुछ और होता है।

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