देवरिया कांड पर विपक्ष और सरकार में तकरार, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
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देवरिया शेल्टर होम कांड पर मंगलवार को सपा ने विधान परिषद में सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
उधर, सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पूरी ईमानदारी के साथ कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भिजवाया गया और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
सपा के राम सुंदर दास निषाद ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये आरोप लगाया कि देवरिया कांड की खबर समाचार पत्रों में छपने के बाद प्रशासन ने आनन फानन मुकदमा दर्ज कराया लेकिन नाबालिग पीड़िताओं की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कहा कि 23 सितंबर 2017 को मान्यता निरस्त होने के बाद भी सत्ताधारी दल, प्रशासन और संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की मिलीभगत से शेल्टर होम संचालित हो रहा था।
अहमद हसन ने कहा, सरकार ने पुलिस का यह हाल कर दिया है कि देह व्यापार का धंधा करने वाली महिला पुलिस को धमकाती रही। मामले में इस्तेमाल कार अभी तक जब्त नहीं हुई है। इसमें कौन- कौन लोग शामिल थे उनका भी पता नहीं लगा है।
सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की औपचारिकता पूरी की, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक आदेश जारी नहीं किया। जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। सरकार को डर है कि सीबीआई जांच से भाजपा की कलई खुल जाएगी।
कहा कि राज्य सरकार में इच्छा शक्ति का अभाव है, इसलिए अफसर सुनवाई नहीं करते हैं। जनता ने गोरखपुर, फूलपुर, कैराना और नूरपुर उप चुनाव में सरकार के 18 महीने के कामकाज का हिसाब दे दिया है।
हसन ने आंकड़े पेश कर बताया कि इस सरकार के समय अपराध कई गुना बढ़े हैं। कहा कि मुख्यमंत्री ही यदि अपराध कम होने पर गलत बयान देंगे तो इससे सरकार की विश्वसनीयता कम होगी।
सरकार ने पूरी ईमानदारी से कार्रवाई की
परिषद में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा, सरकार ने देवरिया मामले में पूरी ईमानदारी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। तीन आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जिलाधिकारी और एसपी को हटाया गया।
समाज कल्याण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। गिरिजा त्रिपाठी के शेल्टर होम का पंजीकरण 1993 में हुआ था। अनुदान 2009 में शुरू किया गया। तब भाजपा सरकार नहीं थी। बसपा व सपा सरकारों ने शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की। भाजपा सरकार ने आते ही शेल्टर होम की मान्यता रद्द कर अनुदान बंद किया।