विपक्ष का यूपी सरकार पर गंभीर आरोप, हमें डरा-धमका रही है योगी सरकार
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यूपी विधानसभा में बुधवार को बजट चर्चा के बाद नेता सदन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण पर बृहस्पतिवार को समूचा विपक्ष बिफर पड़ा। विपक्ष ने सरकार पर विपक्ष को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा का बहिष्कार किया।
विपक्ष का कहना था कि लगता है सरकार पूरे विपक्ष को जेल में डालना चाहती है। समूचा विपक्ष पहले से ही बहिष्कार की तैयारी करके आया था इसलिए सरकार का पक्ष सुने बगैर और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की अपील की अनसुनी करते हुए सदन से बाहर चला गया।
सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष के बहिष्कार के चलते प्रश्न प्रहर नहीं हो सका।
प्रश्न प्रहर के बाद भी विपक्ष के सदस्य सदन में नहीं आए तो अध्यक्ष ने विभागों का बजट पास कराने के साथ-साथ एजेंडे का काम निपटाया।
सदन की प्रतिष्ठा धूमिल करने का लगाया आरोप
बृहस्पतिवार सुबह कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि बुधवार को सदन में जैसी बातें हुईं, जैसे डराया गया, लगता है सरकार पूरे विपक्ष को ही जेल में डाल देना चाहती है।
चौधरी ने अध्यक्ष से कहा कि हमें आपका संरक्षण भी नहीं मिला। खानदान को जेल भेजने की बात कही जा रही है। पूरे सदन की प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है। सदन में कथित पाउडर मिला।
सदन में विपक्ष को लगातार अपमानित किया जाता है। इसलिए आपकी और पीठ की प्रतिष्ठा बचाने के लिए सदन से बाहर जा रहे हैं। अब सदन में अपमानित होने के लिए नहीं बैठेंगे।
नियमों का हवाला देकर लगा देते हैं रोक
नेता सदन बोल सकते हैं तो नेता प्रतिपक्ष को भी सुनना चाहिए। सत्ता पक्ष का आचरण निंदनीय है। सत्ता पक्ष में अहंकार आ गया है। ऐसे में सदन में रहने का कोई औचित्य नहीं है।
विपक्ष को पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास : लल्लू
कांग्रेस के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि नेता प्रतिपक्ष का माइक बंद कर दिया गया। नियम है कि जितना समय नेता सदन को मिलेगा, उतना ही नेता प्रतिपक्ष को।
सदन में डंडा चलेगा जैसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग हुआ। हम जनता से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा चाहते हैं। विपक्ष को लोग बोलने उठते हैं तो संसदीय कार्य मंत्री व सदस्य टीका-टिप्पणी शुरू कर देते हैं। यह विपक्ष को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश है।