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सिविल अस्पताल में भी ओपीडी सेवा बंद, दूर-दराज से आने वाले नॉन कोविड मरीज हो रहे परेशान

Sun, 18 Apr 2021 01:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Apr 2021 01:46 AM IST
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OPD services stopped in civil hospital also
कोरोना के बढ़ते केस के बीच शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं पहले ही बंद कर दी गई थीं। सिर्फ सिविल अस्पताल में ओपीडी चल रही थी, कोरोना का आंकड़ा छह हजार के पार जाने पर सिविल अस्पताल की ओपीडी भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया। अब दूर-दराज से आ रहे नॉन कोविड मरीजों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। मरीजों का सारा भार इमरजेंसी पर आ गया है।
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कोरोना महामारी के दौर में नॉन कोविड मरीजों के लिए सिर्फ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल की ही ओपीडी चल रही थी। केवल एक अस्पताल में नॉन कोविड इलाज होने से वहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आ रहे थे। शनिवार को अचानक यहां भी ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गईं। अस्पताल के निदेशक डॉ. एससी सुंद्रियाल के मुताबिक अब यहां पर केवल फीवर क्लीनिक और एंटी-रैबीज इंजेक्शन काउंटर ही खुलेगा। अन्य मरीजों की दिक्कतों को दूर करने के लिए ई-संजीवनी सुविधा शुरू की गई है। अब नॉन कोविड मरीजों को ई-संजीवनी के माध्यम से ही देखा जाएगा, जिसके लिए महानिदेशक स्वास्थ्य द्वारा डॉक्टर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि मरीजों को फोन पर उनकी समस्या का हल बताया जा सके। ओपीडी बंद होने के बाद केवल इमरजेंसी सेवाएं ही चलेंगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में इमरजेंसी में लोड काफी बढ़ गया है। हमारे कई डॉक्टर व स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में अगर इमरजेंसी डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आ गए तो चिकित्सा व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा। पुराने मरीजों को दवा देने की सुविधा दी जा रही है।
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अस्पताल की इमरजेंसी फुल
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में करीब 30 बेड हैं। कोरोना काल में 10 बेड का एक अतिरिक्त वार्ड बनाया गया था, लेकिन इमरजेंसी के सभी बेड फुल चल रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि इसके अलावा करीब 20-25 मरीज कोरोना पॉजिटिव भी हैं, जिनको अबतक कोविड अस्पताल में शिफ्ट नहीं कराया गया है। बेड खाली न होने के कारण इमरजेंसी में वेटिंग भी बढ़ गई है। यहां पर रोजाना दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह से इमरजेंसी में काम करने वाले डॉक्टरों को संक्रमण का खतरा बना है।
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