यूपी में फिर शुरू हुई डीजीपी की रेस, ओपी सिंह को केंद्र ने नहीं किया रिलीव
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यूपी के पुलिस मुखिया की तलाश फिर शुरु हो गई। केंद्र ने सीआईएसएफ के डीजी ओपी सिंह को यूपी भेजने के लिए अभी तक हरी झंडी नहीं दी है।
20 दिन बीतने के बाद अब माना जा रहा है कि ओपी सिंह यूपी नहीं आएंगे। हालांकि प्रमुख सचिव गृह का कहना है कि अब तक उनके पास कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है।
उधर, गृह विभाग के अधिकारियों ने डीजीपी केलिए नए नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। शुक्रवार शाम को गृह विभाग में हलचल तेज हो गई।
सूत्रों का कहना है कि सरकार शनिवार तक नए डीजीपी के नाम पर फैसला हो जाने की उम्मीद है।
दरअसल 31 दिसंबर को सुलखान सिंह के डीजीपी पद से रिटायर होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात सीआईएसएफ केडीजी ओपी सिंह को प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त करते हुए केंद्र सरकार से उन्हें कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था। लेकिन 20 दिन बाद भी केंद्र सरकार ने उन्हें रिलीव नहीं किया।
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें कार्यमुक्त करने से संबंधित फाइल तैयार करके कई रोज पहले ही पीएमओ को भेज दी थी, लेकिन वहां से हरी झंडी नहीं मिली। इसी बीच शुक्रवार को पीएमओ द्वारा उन्हें रिलीव करने से मना कर दिए जाने की बात कही जा रही है।
उधर ओपी सिंह के यूपी नहीं आने की खबर की पुष्टि गृह विभाग भले ही न कर रहा हो, लेकिन शुक्रवार की शाम से ही विभाग में हलचल तेज हो गई थी। सूत्रों का कहना है कि अब नए अधिकारी का नाम डीजीपी के लिए प्रस्तावित किया जाना है, जिसे लेकर अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस बात की प्रबल संभावना है कि शनिवार तक डीजीपी के लिए किसी दूसरे अधिकारी का चयन कर लिया जाएगा।
ओपी के नाम पर सहमत नहीं था भाजपा हाईकमान
उधर एक चर्चा यह भी है कि भाजपा हाईकमान खुद ओपी सिंह के नाम पर सहमत नहीं है। सूत्रों की माने तो ओपी सिंह केलखनऊ में एसएसपी के पद पर तैनाती के समय ही बसपा सुप्रीमों मायावती पर हमला हुआ था। इसलिए भाजपा हाईकमान को इस बात का अंदेशा है कि ओपी सिंह को प्रदेश पुलिस का मुखिया बनाने को लेकर बसपा इसे भाजपा के खिलाफ हथियार बना सकती है।
इसका असर दलित वोट बैंक पर भी पड़ सकता है। इसकेअलावा एक चर्चा यह भी है कि भाजपा में शीर्ष स्तर पर नेताओं में चल रहे आपसी खींचतान की वजह से भी ओपी सिंह ने नाम को हरी झंडी नहीं मिल रही है।