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केजीएमयू में धर्मांतरण विवाद: डॉ. रमीज की गिरफ्तारी के बाद भी माहौल में तनाव, तोड़फोड़ पर नहीं लिखी एफआईआर
Sat, 10 Jan 2026 07:48 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 10 Jan 2026 07:48 PM IST
सार
KGMU controversy: केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में हुए उपद्रव के बाद शनिवार को पूरे परिसर में पुलिस नजर आई। कुलपति कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और भी तगड़ी थी।
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केजीएमयू में शुक्रवार को हुआ था हंगामा।
विस्तार
धर्मांतरण प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज मलिक की गिरफ्तारी के बावजूद केजीएमयू का माहौल सामान्य होता नजर नहीं आ रहा है। कुलपति कार्यालय पर हुए हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में केजीएमयू की ओर से दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस वजह से केजीएमयूशिक्षक संघ, कर्मचारी एसोसिएशन, नर्सिंग एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बैठक बुलाई है। बैठक के बाद आंदोलन की दिशा तय होगी।
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केजीएमयू में शुक्रवार को धर्मांतरण के प्रयास के मामले में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पहुंचीं थीं। इससे पहले ही वहां काफी संख्या में हिंदू संगठन और अन्य लोग मौजूद थे। अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद वहां नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान दरवाजे की सिटकनी और कुलपति कार्यालय का सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। हंगामे के दौरान कुलपति का सीयूजी नंबर वाला मोबाइल फोन भी गुम हो गया। केजीएमयू प्रशासन की ओर से प्रॉक्टर प्रो.आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दे दी, लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहते हुए शनिवार शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की। इस वजह से केजीएमयू केशिक्षक, कर्मचारी और स्टूडेंट में आक्रोश है। ये सभी माले में आरपार के मूड में हैं। सोमवार को बैठक के बाद केजीएमयू में आंदोलन की दिशा तय होगी।
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सरकारी काम में बाधा, फिर भी सुनवाई नहीं
केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह के मुताबिक जिस समय शुक्रवार को हंगामा बवाल हुआ, वहां शिक्षकों के प्रमोशन के साक्षात्कार चल रहे थे। ऊपरी तल पर एमबीबीएस के विद्यार्थियों की परीक्षा हो रही थी। हंगामा होने की वजह से साक्षात्कार प्रभावित हुए। कुलपति कार्यालय के सभी सुरक्षा कर्मियों के साथ ही कर्मचारियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। कुलपति को भी अपना कार्यालय छोड़ना पड़ा, वहीं दो महिलाशिक्षकों को दो घंटे तक बंधक रखा गया। पूरा कुलपति कार्यालय करीब तीन घंटे उपद्रवियों के कब्जे में रहा। एक तरह से सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई, इसके बावजूद इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।
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हंगामा-बवाल के बाद छावनी बना केजीएमयू
केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में हुए उपद्रव के बाद शनिवार को पूरे परिसर में पुलिस नजर आई। कुलपति कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और भी तगड़ी थी। सुरक्षाकर्मियों ने कुलपति कार्यालय आने वाले लोगों से पूछताछ भी की।
अपनी सीट पर नहीं बैठ रहे पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर
पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने विभाग के ही डॉ. रमीज मलिक पर यौन शोषण और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि विभाग के दो प्रोफेसरों ने मामला रफा-दफा करने के लिए रेजिडेंट पर दबाव बनाया। शुक्रवार को हुए उपद्रव के दौरान भी यह आरोप लगाया गया। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया है। इसके बाद पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर हंगामा-बवाल और किसी अनहोनी की आशंका में अपने केबिन में नहीं बैठ रहे हैं।