चुनाव हारे, पर यहां सपा को टक्कर देने वाला कोई नहीं
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करारी हार के बाद भले ही सपा के एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में अस्तित्व पर सवाल उठ रहे हों लेकिन इस चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को वाकओवर मिलना तय है।
सूबे से राज्यसभा की खाली सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के विशंभर प्रसाद निषाद ने शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल किया।
दूसरे किसी दल से प्रत्याशी न उतारे जाने की संभावना के चलते उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। निषाद चार बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
डॉ. एसपी सिंह बघेल के इस्तीफा देने के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले डॉ. बघेल राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे।
फीरोजाबाद में भी चला सपा का सिक्का
डा. बघेल को भाजपा ने फीरोजाबाद लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था लेकिन वे चुनाव हार गए।
चार जुलाई 2016 तक के कार्यकाल के लिए विशंभर प्रसाद निषाद ने सपा उम्मीदवार के रूप में विधान भवन के सेंट्रल हॉल में सचिव प्रदीप कुमार दुबे के समक्ष नामांकन पत्र के दो सेट दाखिल किए।
उनके साथ बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास मंत्री रामगोविंद चौधरी, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी, पंचायती राजमंत्री बलराम यादव, समाज कल्याण मंत्री अवधेश कुमार और दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा समेत कई विधायक और पार्टी नेता थे।
नौ जून है नामांकन की अंतिम तारीख
उपचुनाव के लिए अधिसूचना दो जून को जारी हुई थी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि नौ जून है। 10 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
बसपा, भाजपा और कांग्रेस समेत कोई भी दल उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतार रहा है। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।
10 जून को नामांकन पत्रों की जांच के बाद अकेला प्रत्याशी रह जाने पर निषाद के निर्वाचन की अधिकृत घोषणा हो सकती है।