केंद्र ने खोला खजाना, एक लाख करोड़ से यूपी में बिछेगा सड़कों-पुलों का जाल
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यूपी की सड़कों को संवारने और विकास के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यूपी के लिए एक लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर सहमति बनी।
बैठक में बुंदेलखंड को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ने, इलाहाबाद की 76 किमी की आंतरिक सड़कों को छह लेन बनाने और प्रदेश के 73 राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में बदलने पर सहमति बनी।
इस बैठक की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य ने केंद्रीय सड़क निधि से काम कराने के लिए 11500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे थे। इनमें से 10 हजार करोड़ के प्रस्ताव मंजूर कर लिए गए। केंद्र सरकार गोवर्धन तीर्थ विकास के लिए भी 4645 करोड़ रुपये देगी।
सड़कों, पुलों, इनर रिंग रोड और बाईपास निर्माण के प्रस्ताव के साथ-साथ 15 बड़ी सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई। इस बैठक में संबंधित विभागों के अफसरों के साथ उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य भी मौजूद रहे।
इन प्रस्तावों पर सहमति
- लखनऊ में 9 में सात एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई।
- इलाहाबाद में गंगा नदी पर फाफामऊ के पास 4.5 किमी लंबा व 2400 करोड़ की लागत से छह लेन का पुल बनेगा। 75 किमी इनर रिंग रोड भी बनेगा।
- गोरखपुर महानगर में 30 किमी लंबा बाईपास बनेगा। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-29 को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जोड़ेगा।
- झांसी को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए जालौन होते हुए 320 किमी. लंबी फोर लेन सड़क के निर्माण पर सहमति बनी।
- झांसी-चित्रकूट-इलाहाबाद मार्ग को दो लेन से चार लेन किया जाएगा।
- कानपुर और मेरठ में रिंग रोड बनाने का फैसला भी किया गया। मुरादाबाद महानगर के उत्तर से होते हुए राष्ट्रीय मार्ग संख्या-24 के पास 37 किमी लंबा बाईपास बनेगा।
- बरेली महानगर के दक्षिण से होते हुए एनएच-24 के बाईपास के तौर पर 40 किमी लंबी सड़क निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी। एनएच-24 के बाईपास व बरेली-बीसलपुर मार्ग की क्रॉसिंग पर एनएचएआई द्वारा फ्लाई ओवर के निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सैटेलाइट बस स्टेशन से हवाई अड्डे होते तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-74 को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी मान लिया गया।
15 मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा
प्रदेश के 15 मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया गया। इसमें सबसे लंबा बिलराया-पनवारी मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई 351 किमी है।
कुल 73 राज्यमार्गों को नेशनल हाईवे बनाया जाएगा। इनमें योगी सरकार ने 48 और अखिलेश सरकार ने 10 राज्यमार्गों को नेशनल हाईवे बनाने की पहले ही घोषणा कर रखी है।
पुल निर्माण में तेजी के लिए रेलवे के साथ एमओयू जल्द
दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला किया गया कि रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में तेजी लाने के लिए जल्द ही रेलवे और राज्य सरकार के बीच एक एमओयू होगा।
इसमें ब्रिज का रेलवे पटरियों के ऊपर वाला हिस्सा भी राज्य सेतु निगम से बनवाने की व्यवस्था होगी। अभी तक रेलवे पटरियों के ठीक ऊपर वाले पुल केहिस्से का निर्माण रेलवे करती है, जबकि दोनों ओर बाकी हिस्से का निर्माण सेतु निगम करता है।
इन 15 मार्गों को मिलेगा राष्ट्रीय मार्ग का दर्जा
मथुरा-डींग-भरतपुर मार्ग से आगरा-जयपुर मार्ग, मथुरा-सौंख-भरतपुर-आगरा-जयपुर मार्ग, भरतगंज-प्रतापपुर मार्ग, कौशाम्बी-इलाहाबाद मार्ग, मोहनलालगंज-बिहार-नूरपुर आश्रम-बिंदकी-बांदा मार्ग, बांसी-नन्दौर-खलीलाबाद मार्ग, बस्ती-डुमरियागंज-ढेबरूआ मार्ग, बिलराया-पनबाड़ी मार्ग, उन्नाव-बिलग्राम-शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग, बिलराया-पनवाड़ी मार्ग, उन्नाव-बिलग्राम-शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग, सिसैया-निघासन-पूरनपुर मार्ग, लखीमपुर-भीरा-गौरीफंटा मार्ग, बहराईच-गोण्डा-फैजाबाद मार्ग, चंदौली-सकलडीह-चहनिया-सैदपुर मार्ग, मुगलसराय-चकिया-नौगढ़-मधुपुर मार्ग(वाराणसी शक्तिनगर मार्ग जंक्शन तक), बुलंदशहर से डिबाई राष्ट्रीय राजमार्ग-93 तक।