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यूपी में स्वाइन फ्लू की दस्तक, एक की मौत, पीजीआई कर्मी व उसके दो बच्चे बीमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:36 PM IST
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राजधानी में स्वाइन फ्लू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। केजीएमयू में भर्ती स्वाइन फ्लू के मरीज की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। स्वाइन फ्लू से प्रदेश में इस सीजन में पहली मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, पीजीआई के एक कर्मचारी और उसके दो बच्चो में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
लखीमपुर खीरी का रहने वाला 25 वर्षीय युवक दुबई में काम करता था। दुबई में ही उसे बुखार और सांस की शिकायत हुई तो 12 दिन पहले वह घर लौट आया। यहां परिवारीजनों ने उसे सहारा हास्पिटल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर सोमवार को उसे केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी में भर्ती किया गया। लॉरी के डॉक्टरों ने मेडिसिन की टीम से संपर्क किया तो डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई। बीमारी की पुष्टि होने पर इलाज शुरू हुआ।
डॉ. केके गुप्ता मरीज का इलाज कर रहे थे। मरीज को सांस की तकलीफ काफी बढ़ चुकी थी और ब्लड प्रेशर भी गिर रहा था। डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया लेकिन बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को बुखार व सांस लेने में तकलीफ दुबई में हुई थी। आशंका है कि उसे स्वाइन फ्लू का संक्रमण वहीं से हुआ होगा। केजीएमयू मीडिया सेल के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया केजीएमयू में स्वाइन फ्लू का इस वर्ष का यह पहला केस है।
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लखीमपुर खीरी का रहने वाला 25 वर्षीय युवक दुबई में काम करता था। दुबई में ही उसे बुखार और सांस की शिकायत हुई तो 12 दिन पहले वह घर लौट आया। यहां परिवारीजनों ने उसे सहारा हास्पिटल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर सोमवार को उसे केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी में भर्ती किया गया। लॉरी के डॉक्टरों ने मेडिसिन की टीम से संपर्क किया तो डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई। बीमारी की पुष्टि होने पर इलाज शुरू हुआ।
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डॉ. केके गुप्ता मरीज का इलाज कर रहे थे। मरीज को सांस की तकलीफ काफी बढ़ चुकी थी और ब्लड प्रेशर भी गिर रहा था। डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया लेकिन बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को बुखार व सांस लेने में तकलीफ दुबई में हुई थी। आशंका है कि उसे स्वाइन फ्लू का संक्रमण वहीं से हुआ होगा। केजीएमयू मीडिया सेल के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया केजीएमयू में स्वाइन फ्लू का इस वर्ष का यह पहला केस है।
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घर पर ही चल रहा तीनों का इलाज
पीजीआई के एक कर्मचारी और उसके दो बच्चो में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद पीजीआई में हड़कंप मचा है।। मामले की रिपोर्ट स्वाथ्य महानिदेशक को भेजी गई है। कर्मचारी और उसके दो बच्चों को जुखाम और सांस लेने में तकलीफ थी। करीब तीन दिन पहले उनकी जांच हुई तो उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। मरीजों का घर पर ही इलाज चल रहा है।
परिवार के अन्य लोगों को टेमीफ्लू दवा दी गयी है वहीं स्वाइन फ्लू से युवक की मौत के बाद लखीमपुर खीरी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज अग्रवाल ने डाक्टरों की एक टीम युवक के घर भेजी। वहां मरीज के संपर्क में रहे लोगों को टेमी फ्लू दवा बांटी गई।
एयरपोर्ट पर भी अलर्ट
स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस वर्ष प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद प्रदेश के सभी जिलों को हाई अलर्ट कर दिया है। खासकर एयरपोर्ट को विशेषतौर पर संदिग्ध मरीजों की जांच करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
परिवार के अन्य लोगों को टेमीफ्लू दवा दी गयी है वहीं स्वाइन फ्लू से युवक की मौत के बाद लखीमपुर खीरी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज अग्रवाल ने डाक्टरों की एक टीम युवक के घर भेजी। वहां मरीज के संपर्क में रहे लोगों को टेमी फ्लू दवा बांटी गई।
एयरपोर्ट पर भी अलर्ट
स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस वर्ष प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद प्रदेश के सभी जिलों को हाई अलर्ट कर दिया है। खासकर एयरपोर्ट को विशेषतौर पर संदिग्ध मरीजों की जांच करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।