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स्टिंग ऑपरेशन में निजी सचिव के फंसने पर राजभर बोले- वह मेरा करीबी नहीं, सरकारी कर्मचारी है
Thu, 27 Dec 2018 04:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Dec 2018 04:42 PM IST
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ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : अमर उजाला
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अपने निजी सचिव के भ्रष्टाचार में फंसने पर यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि निजी सचिव मेरा करीबी नहीं है। वह एक सरकारी कर्मचारी है। ऐसे में उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
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आपको बता दें कि एक निजी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर करवाने के लिए 40 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही स्कूलों में बैग व ड्रेस की सप्लाई का ठेका दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के पति से डील कराने की भी बात हो रही है। ये पूरा मामला विधानभवन स्थित मंत्रियों के कार्यालय कक्ष का है।
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मंत्रियों के तीनों निजी सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने एसआईटी को 10 दिन में जांच पूरी करने का आदेश दिया है। निलंबित किए गए निजी सचिवों में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के निजी सचिव के अलावा खनन राज्य मंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी हैं।
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एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। आईजी एसटीएफ एवं सतर्कता अधिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारी भी इसके सदस्य होंगे। वहीं, विशेष सचिव आईटी राकेश वर्मा भी जांच में सहयोग करेंगे।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संकेत देने की कोशिश
प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस संबंध में किसी भी स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी।