स्टेशन का नाम बदलने से ट्रेनों का देरी से आना बंद नहीं हो जाएगा: ओमप्रकाश राजभर
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भाजपा का सहयोगी दल होने के बाद भी लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने वाले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से विकास नहीं होगा, बल्कि काम करने से होगा। रेलवे स्टेशन का नाम बदल देने से ट्रेनों का विलंब से चलना बंद नहीं हो जाएगा।
राजभर ने कहा कि बसपा सरकार ने भी भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया था, लेकिन लोग आज भी उसे भदोही के ही नाम से जानते हैं। राजभर रविवार को हजरतगंज में भागीदारी आंदोलन मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा से गठबंधन इसी बात पर हुआ था कि पिछड़ों को उनकी हिस्सेदारी आबादी के हिसाब से दी जाएगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। लोकसभा चुनाव नजदीक आने पर अब आरक्षण का मुद्दा फिर उछाला जा रहा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो एससी-एसटी कानून की तरह अति पिछड़ों को आरक्षण देने के लिए भी लोकसभा में बिल लाए।
उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन लागू होने के 28 साल बाद भी राजभर, बिंद, केवट, पाल, प्रजापति, चौहान, कुशवाहा जाति के बच्चे सिपाही, दरोगा, बाबू या चपरासी नहीं बन पा रहे हैं। आबादी में 54 फीसदी हिस्सेदारी पिछड़ी जाति की है, लेकिन उन्हें 27 फीसदी आरक्षण दिया जा है, वह भी उसका लाभ अति पिछड़ों को नहीं मिल रहा है, क्योंकि इस आरक्षण को पिछड़ों, अति पिछड़ों व सर्वाधिक पिछड़ों में नहीं बांटा गया है। राजभर ने कहा कि सभी जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए।
अमर सिंह चाहेंगे तो करूंगा विचार
राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में अमर सिंह के चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि इस मामले में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अभी तो हमारा भाजपा के साथ सीटों का बंटवारा ही तय नहीं है। इसलिए अभी कुछ कहना गलत होगा। हां, अगर अमर सिंह उनकी पार्टी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करेंगे तो वे उस पर विचार जरूर करेंगे।