माथुर ने छुड़ा दिए भाजपा कार्यकर्ताओं के पसीने
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर उत्तर प्रदेश में रहे तो डेढ़ ही दिन लेकिन उन्होंने भाजपाइयों का पसीना छुड़ा दिया। कार्यकर्ताओं के सामने सामान्य व सहज दिखने वाले माथुर ने विभिन्न बैठकों में सवाल तो जिज्ञासा के रूप में ही किए लेकिन उन्होंने सूबे के कई भाजपा पदाधिकारियों को परेशान करके रख दिया।
यह भी साफ हो गया कि शायद वह सब अब नहीं चलेगा जो पिछले कुछ वर्षों से चलता रहा है। उनकी यात्रा से एक दिन पहले यूपी भाजपा ने जैसे फैसले किए वह उन्हें अच्छा नहीं लगा। माथुर ने यह साफ कर दिया है कि यूपी के एजेंडे पर सफलता के लिए उन्हें कुछ चुनौतियों से पार पाना होगा तो कुछ सवालों का जवाब भी तलाशना होगा।
माथुर ने संगठनात्मक स्थिति के बारे में जिस तरह पूछताछ की, उससे साबित हो गया कि उनकी यही शैली बरकरार रही तो भविष्य में पद पर बैठने के बाद पार्टी को अपनी तरह चलाने वालों को नेपथ्य में जाना पड़ सकता है।
यूपी में भाजपा का बदलेगा ढर्रा
उनकी लखनऊ यात्रा तय होने के बाद कुछ जिला व महानगर अध्यक्षों में फेरबदल किया गया। इससे माथुर को यह जरूर पता चल गया होगा कि यूपी में पद संभालने वाले भाजपाइयों के कामकाज का ढर्रा क्या है?
किस तरह अपनों का समायोजन व विरोधियों को किनारे लगाने वाले फैसले होते हैं और उन्हें कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने व संगठन को व्यक्तिवाद से बाहर निकालने के लिए क्या-क्या करना होगा?
माथुर ने यूपी में संगठन को जमीन पर पहुंचाने को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इस काम की सफलता पर ही 2017 में भाजपा की सफलता निर्भर करेगी।
उनकी इस बात से यह भी साबित हो गया कि उन्हें यह पता चल चुका है कि भले ही भाजपा लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 में 73 सीटें जीत गई हो लेकिन जमीन पर संगठन की पकड़ मजबूत बनाने के लिए बहुत कुछ करना पड़ेगा।
यही नहीं, उन्होंने जिस तरह अपने-अपने लोगों को पद व प्रतिष्ठा देने पर रोक और काम करने वालों को आगे लाने की बात कही है उससे पदों पर बैठे सूबे के बड़े भाजपाइयों की धुकधुकी बढ़ना स्वाभाविक है।
इसके बावजूद अतीत इन्हें कुछ दिलासा दे रहा है कि जिस तरह पहले समय के साथ सब सामान्य होता रहा है, इस बार भी वक्त गुजरने के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।
सदस्यता अभियान में जुटी भाजपा की युवा ब्रिगेड
प्रदेश के दो करोड़ लोगों को भाजपा से जोड़ने का लक्ष्य पूरा करने में भारतीय जनता पार्टी की युवा ब्रिगेड भी जुटेगी। इसके लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे और युवाओं को पार्टी से जोड़ेंगे।
इसके लिए हर जिले मेें 50 सदस्यता शिविर लगाने की योजना है। स्कूल व कॉलेजों में भी जाकर पार्टी का सदस्य बनाने का काम किया जाएगा।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ने के साथ युवा मोर्चा संगठन की दुरुस्ती में भी जुटा है। इस क्रम में संगठन को मनमाने तरीके से चलाने और लापरवाही बरतने पर 15 जिलों के अध्यक्षों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय ने सदस्यता
अभियान को परवान चढ़ाने के लिए 20 नवंबर को लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें सभी जिलों के युवा मोर्चा अध्यक्षों से सदस्यता अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों को सदस्य बनाने की कार्ययोजना और संगठनात्मक ढांचे का ब्यौरा लेकर आने को कहा गया है।
संगठन के प्रमुख लोगों को भी एक-एक क्षेत्र का प्रभारी बनाकर सभी से सदस्यता अभियान को सफल बनाने की कार्ययोजना के साथ बैठक में आने का निर्देश दिया गया है।