बेटे ने कर दिए ऐसे हालात की बुजुर्ग दंपति ने जहर खाकर दे दी जान
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69 साल की उम्र में दो वक्त की रोटी के लिए किराना की दुकान में नौकरी करते थे। जो वेतन मिलता था उसे छोटा बेटा नशे के लिए कभी चोरी करता तो कभी मां से झगड़ा कर छीन ले जाता था। खाने के लिए दूसरों का मुंह देखना पड़ता था।
दूसरे के राशन कार्ड पर सरकारी दुकान से अनाज कभी आया तो कभी दूसरे के घर से खाना खाया। आर्थिक तंगी और बेटे की हरकत से तंग आकर शुक्रवार तड़के बुजुर्ग दंपति ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली।
दोनों के शव अलग-अलग स्थान पर पड़े मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मौके से पुलिस के हाथ सल्फास का पैकेट लगा। जिसके आधार पर पुलिस खुदकुशी का दावा कर रही है।
मूलरूप से इटौंजा के धर्मपुर निवासी रामशंकर तिवारी (69) अपनी पत्नी सरिता (64) जानकीपुरम सेक्टर-एच में किराए के मकान में रहते थे। उनके साथ बेटा अक्षय तिवारी भी रहता था। जबकि बड़ा बेटा अजय गुड़गांव में एक मोबाइल कंपनी में सेल्समैन की नौकरी करता है।
मकान कानपुर रोड कृष्णानगर निवासी अमित श्रीवास्तव का था। रामशंकर तिवारी का परिवार मकान की पहली मंजिल पर रहता था। भूतल में सीमा अपने बेटे के साथ और दूसरी मंजिल पर प्रिया पांडेय किराए पर रहती है।
रामशंकर उम्र के इस पड़ाव पर भी घर में दोनों वक्त चूल्हा जले इसके लिए नौकरी करते थे। जबकि उनका दूसरा बेटा गलत संगत में पड़ गया था। वह हर वक्त नशे की हालत में रहता था। उसकी इस हरकत से परिवारी काफी परेशान था।
बडे़ बेटे से दो मिनट की बात, कुछ देर बाद उठाया कदम
पड़ोसी किराएदार सीमा के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब ढाई बजे सरिता ने उनको आवाज दी। कहा कि तबियत ठीक नहीं लग रही है। बड़े बेटे से बात करा दो। रामशंकर तिवारी और उनकी पत्नी के पास मोबाइल नहीं था। इसका खर्च भी वह नहीं उठा सकते थे।
वह पड़ोसी सीमा के मोबाइल पर ही बड़े बेटे से बातचीत करते थे। ढाई बजे रात को सीमा जब उनके हिस्से वाले मकान में पहुंची तो सरिता ने कहा कि बड़े बेटे अजय से बात करा दो।
सीमा ने अजय का मोबाइल नंबर मिलाकर दिया। करीब दो मिनट तक दोनों ने बातचीत की। सरिता ने कहा कि उसकी तबियत काफी खराब है। चक्कर आ रहा है, उल्टियां आ रही है। अभी कुछ ठीक लग रहा है।
बेटे अजय ने छोटे भाई अक्षय के बारे में पूछा। इसके बाद कहा कि अगर तबियत ज्यादा खराब हो तो इमरजेंसी में किसी डॉक्टर को बात कर भर्ती करा दूं। इस पर मां ने मना कर दिया। सुबह डॉक्टर के पास जाने की बात कही साथ ही कुछ रूपये उनके खाते में डालने को कहा।
बरामदे में सरिता और कमरे में पड़ा था रामशंकर का शव
इसके बाद वह छत पर गई। कपडे़ डालने के बाद वापस आकर दोबारा आवाज लगाई। इस बार भी कोई जबाव नहीं मिला। इसके बाद वह सरिता को हिलाकर उठाने की कोशिश की। लेकिन सरिता के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो उसे संदेह हुआ। फिर कमरे में गई तो वहां रामशंकर भी पड़े थे।
सीमा ने घबराकर पड़ोस में रहने वाले लोगों को बुलाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सीमा के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि दोनों की मौत हो गई है। पुलिस ने पूरे कमरे की पड़ताल की। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
दंपति ने जहर घोलकर पीया था
प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के मुताबिक, कमरे में सल्फास का पैकेट मिला। इसके अलावा कटोरी मिली। जिसमें कुछ पानी था जो पूरी तरह से नीला पड़ गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी कटोरी में सल्फास घोलकर दंपति ने पीया था। जिससे उनकी मौत हो गई है। कटोरी और सल्फास के पैकेट को फोरेसिंक टीम ने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा कमरे में एक पर्ची मिली है। जिस पर कुछ मोबाइल नंबर लिखे थे। पुलिस ने उन नंबरों के बारे में पता किया तो परिचितों के निकले।
रोज होता था छोटे बेटे से विवाद
प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के मुताबिक, रामशंकर का छोटा बेटा अक्षय गलत संगत में पड़ गया था। वह शराब व अन्य तरह के नशे करता था। उसके घर आने-जाने का कोई समय भी नहीं था। कोई काम न करने से रामशंकर और सरिता की मुसीबतें और बढ़ गई थी। नशे की हालत में पहुंचने के बाद अक्षय का आए दिन मां और पिता से विवाद होता था।