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पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Thu, 19 Apr 2018 03:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 19 Apr 2018 03:54 PM IST
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old man committed suicide in lucknow
डेमो

लखनऊ में खाकी के दामन से पीजीआई थाने में कारोबारी की पिटाई के दाग अभी धुले भी नहीं थे कि ठाकुरगंज पुलिस की प्रताड़ना से 60 वर्षीय दर्जी नज़र मोहम्मद की मौत के आरोपों ने सनसनी मचा दी।

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दर्जी का बेटा मुहल्ले की लड़की को भगाकर ले गया है जिसके चलते पुलिस रोज उसके घर के चक्कर लगा रही थी। पुलिस ने दबिश न देने के नाम पर दर्जी से 10 हजार रुपये भी लिए थे। इसके बावजूद घर आकर परेशान करने से दुखी दर्जी दुकान जाने के बहाने घर से निकले और कैंट में ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
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परिवारीजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नज़र मोहम्मद हुसैनाबागद के मुर्गखाना इलाके में पत्नी खुर्शीद जहां, बेटे फारुख, जुबैर, जफर और अजहर के साथ रहते थे। घर के पास ही उनकी दर्जी की दुकान है।
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फारुख ने बताया कि 13 अप्रैल को अजहर मुहल्ले की ही एक किशोरी को लेकर भाग गया था। किशोरी के पिता ने अजहर व उसके परिवारीजनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था जिसकी विवेचना हुसैनाबाद चौकी इंचार्ज राजकरन सिंह कर रहे हैं। फारुख का कहना है कि चौकी इंचार्ज और सिपाही वीरेंद्र रोज दिन में चार-पांच बार घर आते और गाली-गलौज व अभद्रता करते थे।

मौत का पता चलते ही मचा कोहराम

old man committed suicide in lucknow
नजर मोहम्मद (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
वह अजहर को हाजिर न करने पर पिता को उठाकर जेल में बंद करने की धमकी देते थे। पुलिस के अभद्र व्यवहार और मुहल्ले में हर दो-तीन घंटे में होने वाले अपमान से बचने के लिए चौकी इंचार्ज को रुपये भी दिए लेकिन उन्होंने प्रताड़ना खत्म नहीं की।

परेशान होकर मंगलवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे नज़र मोहम्मद दुकान जाने की बात कहकर घर से निकल गए। हालांकि, वह दुकान जाने के बजाए कैंट निवासी रिश्तेदार के घर चले गए। शाम लगभग छह बजे उनका शव सदर क्रॉसिंग पर क्षत-विक्षत हालत में पाया गया।

रिश्तेदार ने ही उनकी शिनाख्त कर परिवारीजनों को सूचना दी। नज़र मोहम्मद की मौत का पता चलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। इस बीच जीआरपी ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नज़र मोहम्मद के बेटों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर ही उन्होंने खुदकुशी की है। इंस्पेक्टर दीपक दुबे ने परिवारीजनों के आरोपों की जांच की बात कही है।

पुलिस के सुबह-शाम घर आने से परेशान होकर फारुख ने अपने किसी परिचित को मामला निपटवाने के लिए लगाया था। परिचित उसे गऊघाट चौकी इंचार्ज जेपी सिंह के पास ले गया। जेपी सिंह ने पीड़ित से हुसैनाबाद चौकी प्रभारी राजकरन सिंह को कार्रवाई न करने के बदले 10 हजार रुपये देने को कहा।

रुपये लेने के बाद भी आई पुलिस

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शनिवार सुबह फारुख व उसके भाई गऊघाट चौकी पहुंचे जहां दरोगा जेपी सिंह ने हुसैनाबाद चौकी प्रभारी को बुलवा लिया। बकौल फारुख, गऊघाट चौकी में ही दोनों पक्ष के बीच बातचीत हुई और उसने चौकी प्रभारी को 10 हजार नकद दे दिए।

फारुख का कहना है कि रुपया लेने के अगले ही दिन रविवार सुबह चौकी इंचार्ज राजकरन सिंह और सिपाही वीरेंद्र फिर से उसके घर आ धमके। पुलिसकर्मियों ने अजहर को हाजिर कराने के लिए कहा। परिवारीजनों का कहना था कि उन्हें अजहर के बारे में जानकारी नहीं है।

वह कहां गया है? क्या कर रहा है? कुछ भी नहीं पता। इस पर चौकी इंचार्ज भड़क गए। परिवारीजनों ने हाथ-पैर जोड़े तो चौकी इंचार्ज ने कहा कि केस आला अधिकारियों की जानकारी में आ गया है।

ऊपर से दबाव है इसलिए अजहर को हाजिर करना ही होगा, वरना परिवारीजनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फारुख का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उसके पिता को पकड़कर बंद करने की धमकी भी दी थी।
 

शव मिलने की खबर मिलते ही घर से खिसके पुलिसकर्मी

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नज़र मोहम्मद के परिवारीजनों ने बताया कि मंगलवार शाम को चौकी इंचार्ज और सिपाही फिर से घर आए थे। वह बातचीत कर ही रहे थे कि नज़र मोहम्मद के बेटे के पास कैंट से रिश्तेदारों का फोन आ गया।

उन्होंने फोन पर रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की जानकारी दी तो परिवारीजनों के होश उड़ गए। नज़र मोहम्मद की मौत का पता चलते ही पुलिसकर्मी खिसक गए। सात दिन बाद बालिग हो रही है

अजहर के साथ घर से भागी किशोरी सात दिन बाद 25 अप्रैल को बालिग हो जाएगी। पुलिसकर्मियों को नज़र मोहम्मद की मौत का पता चला तो मंगलवार रात से वह परिवारीजनों को मैनेज करने की कोशिश में जुट गए।

चौकी इंचार्ज ने फारुख से कहा कि वह अजहर को हाजिर करा दे तो लड़की पक्ष से समझौता करा दिया जाएगा। सात दिन बाद लड़की बालिग हो जाएगी, इसके बाद वह अपनी मर्जी से अजहर के साथ जा सकती है। 
 
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